“वंदे मातरम का विरोध भारत माता का अपमान हैः सीएम योगी”
बाराबंकी।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाराबंकी में आयोजित राष्ट्रीय एकता यात्रा के शुभारंभ अवसर पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी मत, मजहब या जाति राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के मार्ग की बाधा ही राष्ट्रीय एकता के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि उन चेहरों को पहचानो, जो शासकीय योजनाओं को हड़पने की लाइन में सबसे आगे खड़े रहते हैं, लेकिन कहते हैं कि वंदे मातरम नहीं गाएंगे। उन्होंने कहा कि यह दोहरा चरित्र राष्ट्र के प्रति अस्वीकार्य है।
सीएम योगी ने तल्ख लहजे में कहा कि आज भी कुछ लोग हिंदुस्तान का खाकर वंदे मातरम गाने से इंकार करते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम भारत माता की वंदना है, यह राष्ट्रभक्ति के उस भाव का प्रतीक है जो हमारी आत्मा से निकलता है। इस गीत का विरोध करने वाले वस्तुतः भारत माता का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने सदियों से देवी के तीन रूपों—मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी—के रूप में शक्ति, ज्ञान और समृद्धि का पूजन किया है, और यही भारतीयता की मूल भावना है। वंदे मातरम उसी भावना का उद्गार है जो भारत और भारतीयता को जोड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस गीत को गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर ने स्वर दिया, जिसे गाकर क्रांतिकारी फांसी के फंदे को चूमते हुए “भारत माता की जय” पुकारते थे, आज वही राष्ट्रगीत कुछ लोगों को असहज करता है। उन्होंने कहा कि इस विरोध के लिए इस धरती पर कोई स्थान नहीं होना चाहिए। वंदे मातरम वह मंत्र है जिसने स्वतंत्रता आंदोलन में जनचेतना जगाई और राष्ट्रयज्ञ में क्रांतिकारियों द्वारा गाया जाने वाला अमृत मंत्र बना।
सीएम योगी ने कहा कि जब-जब भारत की एकता पर संकट आया, वंदे मातरम की गूंज ने लोगों में नवचेतना का संचार किया। यह गीत मातृभूमि के प्रति समर्पण और त्याग की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को इस गीत से जुड़ना चाहिए ताकि राष्ट्रीयता की भावना मजबूत हो। राष्ट्र एक होगा, तभी समाज में समरसता और विकास संभव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम केवल गीत नहीं, भारत के आत्मस्वरूप की पहचान है। यह वह स्वर है जो क्रांतिकारियों के हृदय से निकला, जिसने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने का साहस दिया और स्वतंत्र भारत का सपना जगाया। सीएम ने कहा कि राष्ट्र से बड़ा कुछ भी नहीं हो सकता, और जो वंदे मातरम के मार्ग में बाधा बनेगा, वही राष्ट्र की एकता के मार्ग में सबसे बड़ी रुकावट बनेगा।
कार्यक्रम के अंत में वंदे मातरम का सामूहिक गान हुआ। पूरा पंडाल राष्ट्रभक्ति के स्वर से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने बच्चों का अन्नप्राशन कराया और बच्चियों को चॉकलेट व गुलाब देकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि जब तक भारत माता के इस पवित्र गीत की गूंज हर हृदय में जीवित रहेगी, तब तक राष्ट्र की एकता और अखंडता को कोई चुनौती नहीं दे सकता।


