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एसटीएफ ने वाराणसी के असलहा तस्करी करने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़, 15 अदद पिस्तौल 15 मैगजीन के साथ तीन गिरफ्तार






लखनऊ।।उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। अन्तर्राज्यीय स्तर पर अवैध असलहा की तस्करी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से 10 अवैध पिस्तौल, 15 अदद मैगजीन, तीन मोबाइल फोन और 1700 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह गिरफ्तारी वाराणसी जिले के थाना सारनाथ क्षेत्र अन्तर्गत फरीदपुर रिंग रोड अण्डरपास से की गई।


एसटीएफ को लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि पूर्वांचल में अन्तर्राज्यीय असलहा तस्कर सक्रिय हैं। इसको देखते हुए एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को अभिसूचना संकलन और कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। इसी क्रम में एसटीएफ वाराणसी फील्ड इकाई के निरीक्षक पुनीत परिहार के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर की सूचना पर छापेमारी की और तीन तस्करों को दबोच लिया।


गिरफ्तार अभियुक्तों में मुख्य नाम प्रशांत राय उर्फ जीतू का है, जो मनबढ़ और दबंग प्रवृत्ति का अपराधी माना जाता है। उसके बारे में बताया गया कि वह अपने साथियों संग मारपीट की घटनाओं में शामिल रहता था। इसी दौरान उसका संपर्क मलीकपुरा निवासी असलहा तस्कर सुभाष पासी से हुआ। प्रशांत राय ने शुरुआत में 32 बोर की पिस्तौल सुभाष पासी से खरीदी थी।


बाद में अपने मित्र अखण्ड राय, निवासी कस्बा करीमुद्दीनपुर (जिला गाजीपुर) और उसके दो साथियों के माध्यम से प्रशांत राय की पहचान मध्य प्रदेश के खण्डवा जिले के कुख्यात असलहा तस्कर विष्णु सरदार से हुई। प्रशांत राय विष्णु सरदार से 20 से 25 हजार रुपये में असलहा खरीदकर गाजीपुर, वाराणसी और सीमावर्ती बिहार के जिलों में 40 से 50 हजार रुपये में बेचता था। इस काम के लिए वह अपने सहयोगियों राहुल ठाकुर और मुकुन्द प्रधान को माध्यम बनाता और उन्हें प्रत्येक चक्कर का 4 से 5 हजार रुपये देता था।


अब तक प्रशांत राय और उसके साथियों ने कई बार असलहा मंगवाकर स्थानीय तस्करों तक पहुंचाया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के विरुद्ध थाना सारनाथ, जनपद वाराणसी में मुकदमा अपराध संख्या 452/2025 धारा 111(1) बीएनएस व 3/25 शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।