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फाइलेरिया रोगियों को प्रदान की गई एमएमडीपी किट, मिला प्रशिक्षण







- फाइलेरिया प्रभावित अंगों की समुचित देखभाल के प्रति किया जागरूक

- 10 फरवरी से जनपद के सोहांव ब्लॉक में चलेगा सर्वजन दवा सेवन अभियान 

बलिया, 03 फरवरी 2024।।फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को सोहांव ब्लॉक के कोटवा नारायणपुर के प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर पर रुग्णता प्रबंधन व दिव्यांग्ता रोकथाम (एमएमडीपी) कैम्प का आयोजन किया गया। इसमें 37 फाइलेरिया रोगियों को प्रभावित अंगो की देखभाल की किट देकर प्रशिक्षित किया गया। शुक्रवार को आयुष्मान भारत - हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर नसीरपुर कला में 30 फाइलेरिया रोगियों को प्रभावित अंगो की देखभाल की किट देकर प्रशिक्षित किया गया। गुरुवार को पंचायत भवन भरौली में 37 फाइलेरिया रोगियों को प्रभावित अंगो की देखभाल की किट देकर प्रशिक्षित किया गया।

जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) सुनील कुमार यादव ने बताया कि फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इसे लिम्फोडिमा (हाथी पांव) भी कहा जाता है। इसके प्रभाव से पैरों व हाथों में सूजन, पुरुषों मे हाइड्रोसील (अंडकोष में सूजन) और महिलाओं में स्तन में सूजन की समस्या आती है। यह बीमारी न सिर्फ व्यक्ति को दिव्यांग बना देती है बल्कि इस वजह से मरीज की मानसिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया का सम्पूर्ण इलाज तो नहीं है लेकिन बीमारी की शुरुआत में सरकारी अस्पताल से दवा का सेवन किया जाए तो बीमारी को बढ़ने से रोक सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्वस्थ व्यक्तियों को यह बीमारी न हो इसके लिए वर्ष में एक बार एमडीए अभियान चलाकर घर-घर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जाती है। इसके अलावा मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के आस- पास व अंदर साफ-सफाई रखें, आस पास पानी जमा न होने दें।  

इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी ने फाइलेरिया प्रभावित अंगों के रुग्णता प्रबंधन का अभ्यास कराया और बताया कि इससे बचने के लिए एमडीए अभियान के दौरान दो वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को दवा का सेवन करने की आवश्यकता है। दवा के सेवन से फाइलेरिया रोग से बचा जा सकता है। फाइलेरिया के मरीजों को प्रभावित अंग की अच्छी तरह से साफ-सफाई करनी चाहिए, जिससे किसी प्रकार के संक्रमण से मरीज न प्रभावित हो। इसके लिए उन्हें साफ-सफाई और दवा का सेवन नियमित रूप से करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद में लिम्फोडीमा फाइलेरियासिस (एलएफ़) के 4269 मरीज हैं। इन मरीज़ों में से 4163 मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की जा चुकी हैं।

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि 10 फरवरी से जनपद के सोहांव ब्लॉक में सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान चलेगा, जिसमें स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएँगे। सभी लोगों से यह अनुरोध है कि स्वास्थ्य कर्मी के सामने ही दवा खाएं




              लाभार्थियों के बोल

 ग्राम नसीरपुर मठ निवासी तेजू चौधरी (45) ने बताया कि फाइलेरिया (हाथीपाँव) के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार पर सम्पूर्ण जानकारी कैंप में आकर मिली। इस कैम्प के विषय में मुझे जानकारी आशा कार्यकर्ता द्वारा दी गई थी। कैंप में फाइलेरिया रुग्णता प्रबंधन का अभ्यास कराया गया। हमें रोग के प्रबंधन, साफ-सफाई, पैर की धुलाई, उचित आकार के चप्पल, सैंडिल पहने, चोट लगने, कटने, जलने से बचाव के बारे में जानकारी मिली। व्यायाम के विषय में भी जानकारी मिली, जिसका सुबह-शाम अभ्यास करूंगा। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करूंगा। साथ ही फाइलेरिया रुग्णता प्रबंधन किट भी मिला, इस किट में अभ्यास कराए गए सारी सामग्री मौजूद है।

एक अन्य ग्राम नारायणपुर निवासी उषा देवी (60) ने बताया कि आशा कार्यकर्ता द्वारा प्राप्त सूचना पर मैं इस कैंप में उपस्थित हुई। जहां पर बहुत विस्तार से फाइलेरिया (हाथीपांव) के लक्षण, बचाव, उपचार, व्यायाम के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। किट भी पहली बार मुझे मिला है इसका प्रयोग में अच्छे से करूंगी। दिन में दो बार जो व्यायाम बताया गया है, जिसको प्रतिदिन करूंगी। पैर की नियमित सफाई-धुलाई करूंगी। स्वास्थ्य विभाग के इस पहल से सभी मरीजों को लाभ मिलेगा।इस अवसर पर पार्टनर संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।