बलिया सहित पूर्वांचल के भूगोलविदों ने "राष्ट्रीय भारतीय भूगोल परिषद"के 41वें अधिवेशन/ राष्ट्रीय संगोष्ठी सागर (म0प्र0)में लहराया परचम
बलिया सहित पूर्वांचल के भूगोलविदों ने "राष्ट्रीय भारतीय भूगोल परिषद"के 41वें अधिवेशन/ राष्ट्रीय संगोष्ठी सागर (म0प्र0)में लहराया परचम
डॉ सुनील कुमार ओझा (उप संपादक)की रिपोर्ट
बलिया/सागर 31 दिसम्बर 2019 ।। डा० हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय सागर, म०प्र० में 28- 30दिसम्बर,2019 तक आयोजित "राष्ट्रीय भारतीय भूगोल परिषद" के 41वें अधिवेशन/ राष्ट्रीय सेमिनार में भूगोलविदों ने बलिया सहित पूर्वांचल के प्रायः सभी जिलों के विकास से संबंधित विषयों पर अपना- अपना शोध पत्र प्रस्तुत कर परचम लहराया। उक्त सेमिनार में अमरनाथ मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय दूबेछपरा, बलिया के पूर्व प्राचार्य पर्यावरणविद् डा० गणेश कुमार पाठक के साथ में बलिया, मऊ, गाजीपुर एवं आजमगढ़ के अनेक असिस्टेण्ट प्रोफेसर एवं शोधछात्र सागर पहुँच कर अपने शोधपत्रों की प्रस्तुतीकरण द्वारा अपनी विद्वता का परिचय देते हुए बलिया सहित पूर्वांचल के अधिकांश जिलों की विकासजन्य समस्याओं को प्रकाश में लाते हुए उनके समाधान हेतु नियोजन एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
उक्त बातों के संदर्भ में सागर से लौटकर डा०गणेश कुमार पाठक ने बताया कि उक्त सेमिनार मे डा० सुनील कुमार ओझा (असिस्टेंट प्रोफेसर भूगोल विभाग, अमरनाथ मिश्र पी0जी0 कालेज दुबेछपरा ने "जनपद-मऊ(उ0प्र0) में कृषि संसाधनों के विकास हेतु नियोजन ", डा० संतोष राम ने "मुरली छपरा विकास खण्ड में शस्य गहनता एवं साहचर्य", डा० अखिलेश कुमार तिवारी (प्रचार्य-के0मा0बै0महाविद्यलय चकविलायत दरगाह मऊ) ने पुरुलिया जनपद में कृषि-वानिकी के उपयोगिता, डा०घनश्याम दूबे (असिस्टेंट प्रोफेसर भूगोल विभाग डी0सी0एस0के0 मऊ) ने भारत नेपाल सिमावर्ती क्षेत्र में सामाजिक सांस्कृतिक परिदृश्य एक भौगोलिक अध्ययन(राप्ती-गण्डक द्वाब के विशेष शन्दर्भ में, डा० मुहम्मद इस्लाम , डा० सुनील कुमार सिंह , डा० ऋषिकेश तिवारी, आकांक्षा सिंह, सुधा चौरसिया,सुनील यादव,डा० अनिल कुमार तिवारी,मनीष कुमार जायसवाल,डा० अहमद अली, मनोज सिंह यादव,जागृति विश्वकर्मा,अंकित मिश्र,विकास कुमार,अंकुर सिंह, पूजा सिंह एवं डा०रविन्द्रकुमार पाण्डेय ,डॉ जितेंद्र तिवारी ने अपनी सहभागिता निभाई।
उक्त संगोष्ठी में बी० आर० ए० बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के भूगोल विभागाध्यक्ष डा० उमाशंकर सिंह के साथ डा० गणेश कुमार पाठक ने " चेंजिंग एग्रीकल्चरल लैंडयूज पैटर्न इन एग्रो रिजन आफ इस्टर्न उत्तर प्रदेश" पर अपना सारगर्भित शोध पत्र प्रस्तुत किया। साथ ही साथ डा० पाठक ने " इम्पैक्प आफ रेनफाल वैरिएबिलिटी आन पैडी इल्ड इन एग्रीकल्चरल रिजन्स आफ इस्टर्न उत्तर प्रदेश" नामक विषय पर भी अपना सारगर्भित शोधपत्र प्रस्तुत किया , जिसकी भूरि- भूरि प्रशंसा की गयी।
डॉ सुनील कुमार ओझा (उप संपादक)की रिपोर्ट
बलिया/सागर 31 दिसम्बर 2019 ।। डा० हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय सागर, म०प्र० में 28- 30दिसम्बर,2019 तक आयोजित "राष्ट्रीय भारतीय भूगोल परिषद" के 41वें अधिवेशन/ राष्ट्रीय सेमिनार में भूगोलविदों ने बलिया सहित पूर्वांचल के प्रायः सभी जिलों के विकास से संबंधित विषयों पर अपना- अपना शोध पत्र प्रस्तुत कर परचम लहराया। उक्त सेमिनार में अमरनाथ मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय दूबेछपरा, बलिया के पूर्व प्राचार्य पर्यावरणविद् डा० गणेश कुमार पाठक के साथ में बलिया, मऊ, गाजीपुर एवं आजमगढ़ के अनेक असिस्टेण्ट प्रोफेसर एवं शोधछात्र सागर पहुँच कर अपने शोधपत्रों की प्रस्तुतीकरण द्वारा अपनी विद्वता का परिचय देते हुए बलिया सहित पूर्वांचल के अधिकांश जिलों की विकासजन्य समस्याओं को प्रकाश में लाते हुए उनके समाधान हेतु नियोजन एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
उक्त बातों के संदर्भ में सागर से लौटकर डा०गणेश कुमार पाठक ने बताया कि उक्त सेमिनार मे डा० सुनील कुमार ओझा (असिस्टेंट प्रोफेसर भूगोल विभाग, अमरनाथ मिश्र पी0जी0 कालेज दुबेछपरा ने "जनपद-मऊ(उ0प्र0) में कृषि संसाधनों के विकास हेतु नियोजन ", डा० संतोष राम ने "मुरली छपरा विकास खण्ड में शस्य गहनता एवं साहचर्य", डा० अखिलेश कुमार तिवारी (प्रचार्य-के0मा0बै0महाविद्यलय चकविलायत दरगाह मऊ) ने पुरुलिया जनपद में कृषि-वानिकी के उपयोगिता, डा०घनश्याम दूबे (असिस्टेंट प्रोफेसर भूगोल विभाग डी0सी0एस0के0 मऊ) ने भारत नेपाल सिमावर्ती क्षेत्र में सामाजिक सांस्कृतिक परिदृश्य एक भौगोलिक अध्ययन(राप्ती-गण्डक द्वाब के विशेष शन्दर्भ में, डा० मुहम्मद इस्लाम , डा० सुनील कुमार सिंह , डा० ऋषिकेश तिवारी, आकांक्षा सिंह, सुधा चौरसिया,सुनील यादव,डा० अनिल कुमार तिवारी,मनीष कुमार जायसवाल,डा० अहमद अली, मनोज सिंह यादव,जागृति विश्वकर्मा,अंकित मिश्र,विकास कुमार,अंकुर सिंह, पूजा सिंह एवं डा०रविन्द्रकुमार पाण्डेय ,डॉ जितेंद्र तिवारी ने अपनी सहभागिता निभाई।
उक्त संगोष्ठी में बी० आर० ए० बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के भूगोल विभागाध्यक्ष डा० उमाशंकर सिंह के साथ डा० गणेश कुमार पाठक ने " चेंजिंग एग्रीकल्चरल लैंडयूज पैटर्न इन एग्रो रिजन आफ इस्टर्न उत्तर प्रदेश" पर अपना सारगर्भित शोध पत्र प्रस्तुत किया। साथ ही साथ डा० पाठक ने " इम्पैक्प आफ रेनफाल वैरिएबिलिटी आन पैडी इल्ड इन एग्रीकल्चरल रिजन्स आफ इस्टर्न उत्तर प्रदेश" नामक विषय पर भी अपना सारगर्भित शोधपत्र प्रस्तुत किया , जिसकी भूरि- भूरि प्रशंसा की गयी।










