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मऊ जेल प्रशासन के कारनामे का एक वीडियो हो रहा वायरल : एसपी मऊ बोले वीडियो की सत्यता की जांच के बाद होगी कार्यवाई

 मऊ जेल प्रशासन के कारनामे का एक वीडियो हो रहा वायरल : एसपी मऊ बोले वीडियो की सत्यता की जांच के बाद होगी कार्यवाई
ए कुमार


मऊ 10 जुलाई 2019 ।।
वायरल हो रहे वीडियो में एक कैदी जेल के अंदर जेलर के भ्रष्टाचार की पूरी करतूत को वायरल करने का काम किया । वीडियो में कैदी खुद ही बता रहा की जेल के जेलर जेल के कैदियो को उनकी मनपसन्द का भोजन उपलब्ध करा है । जेल की मीनू में क्या है उससे कोई मतलब नही है । जेल में हीरोइन, गांजा शराब,मुर्गा मीट सबकुछ उपलब्ध है और कैदी उसका पूरा मजा ले रहे है। वीडियो को देखकर ऐसा लगता है कि कैदी जेल के अंदर नही किसी पिकनिक पर गए हुए है । सवाल ये है कि कौन ऐसा शख्श होगा जो इस वीडियो को देखकर जेल प्रशासन की सुव्यवस्था पर सवालिया निशान ना खड़ा कर दे ।

वीडियो में जेल की पोल खोल देने वाला एक वीडियों तेजी से वायरल हो रहा हैं। 10 वीडियों पुरी जिले में वायरल हो रहा हैं। जो जेल प्रशासन के भष्ट्राचार की पोल खोल रहा हैं। वीडियों को किसी कैदी द्वारा बनाया गया हैं। जो वीडियों बनाते समय ही जेलर और जेल अधीक्षक पर कारागार में सुविधा उपलब्ध कराने पर धन उगाही का आरोप लगा रहा हैं।

बताते चले कि जिला कारागार से 10 वीडियों तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियों में जिला जेल प्रशासन की एक कैदी द्वारा पोल खेलते हुए वीडियों को वायरल किया गया हैं। कैदी के अनुसार जेल में जेलर लाल रतनाकर सिहं और जेल अधीक्षक अभीनास सिहं द्वारा जमकर भष्ट्राचार किया जा रहा हैं। जेल में हीरोइन गांजे के कारोबार उनकी ही शह पर चल रहा हैं। पैसा हैं तो जेल में सुविधाएं कैसे मुहैया हो रही हैं इसकी पुरी जानकारी दी गयी हैं। बताते चले कि कैदी द्वारा वायरल वीडियों में बताया गया हैं कि जेल के अन्दर हाता नम्बर दो में स्थित बैरेक नम्बर चार और सात स्थित हैं। इन बैरेकों में कैदियों को एक हजार रुपये प्रतिमाह में हीटर और मोबाइल चलाने की सुविधा मुहैया कराया जाता हैं। इसके साथ ही 20 रुपये में नाश्ता भी मिलता हैं।

 जेल के खाने को इस लिए खराब बनाया जाता हैं ताकि कैदी कैन्टीन की सुविधा ले। हिरोइन और गांजा उन्ही को बेचने की इजाजत दिया जाता हैं, जो प्रति माह दस हजार रुपये मुहैया कराये। साथ ही जो कैदी इसके खिलाफ अवाज उठाता हैं तो उसे धमकी दिया जाता हैं कि उसका जेल से ट्रांसफर कर दिया जायेगा या फिर हत्या करा दी जायेगी।

पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि इस वीडियों को संज्ञान में लेकर  जांच पड़ताल शुरु कर दिया गया हैं। एसपी के अऩुसार वीडियों की सत्यता पर सवाल खड़ा किया गया हैं। एसपी द्वारा कहा गया हैं कि पहले जांच का विषय हैं कि यह वीडियों मऊ जेल का हैं या नही। अगर मऊ जेल का हैं तो कितना पुराना वीडियों हैं। किस कैदी द्वारा बनाया गया है, किसके द्वारा जेल से बाहर वायरल किया गया हैं और किन किन लोगों द्वारा इसे सोशल मीडियों पर वायरल किया जा रहा हैं। बलिया एक्सप्रेस के पास वायरल वीडियो मौजूद होने के वावजूद केवल एक वीडियो को ही नीचे पोस्ट किया गया है ।