नगरा बलिया : भारी बरसात ने किसानों के चेहरों से छीनी खुशियां , धान की नर्सरी , सब्जी के खेत सब हो गये जलमग्न
भारी बरसात ने किसानों के चेहरों से छीनी खुशियां , धान की नर्सरी , सब्जी के खेत सब हो गये जलमग्न
संतोष द्विवेदी
नगरा बलिया 11 जुलाई 2019 ।। मौसम की बरसात से किसानों के चेहरे खिले थे, वहीं अब उनके माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई है। भारी बरसात ने खेती पर ग्रहण लगा दिया है। जहा धान की रोपी गई फसल व नर्सरी डूब गई है, वहीं खेतो में लगा पानी रोपाई आदि कार्य ठप कर दिया है। किसानों की लागत पानी में बह गई है जिससे किसान काफी चिंतित है। पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। चट्टी चौराहों से लेकर बाजारों में गुरुवार को बारिश के कारण जहा सन्नाटा पसरा रहा, वहीं पशु पक्षी भी बेहाल नजर आए। तेज हवा व पानी के कारण सड़कों पर सड़कों पर पेड़ो का गिरना जारी है। जिससे आवागमन बुधवार की शाम से ही बाधित है। रात भर आने जाने वालो को संपर्क मार्गो के सहारे एन केन प्रकारेण जाना पड़ा। सबसे ज्यादे नुकसान सब्जी की खेती करने वाले किसानों को हुई है । इनकी सारी फैसले पानी मे डूब जाने से बर्बाद हो गयी है ।
आर्द्रा नक्षत्र में मानसून की पहली बरसात से खुश किसान जहा खेतो को तैयार कर धान की नर्सरी डाल दिए तथा रोपाई की तैयारी में जुटे थे। कुछ किसान रोपाई भी कर दिए थे। किसान मानसून की बरसात से अच्छी फसल होने की उम्मीद लगाएं थे लेकिन रविवार को आरम्भ हुई बारिश ने किसानों के मंसूबे पर पानी फेर दिया। पांच दिनों से हो रही भारी बरसात से किसानों की धान की नर्सरी व रोपी गई फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। बुधवार को दिन में बारिश बन्द होने व धूप खिलने से अपने फसल को लेकर किसानों के चेहरे खिल तो गए लेकिन शाम होते ही तेज हवा व भारी बारिश ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी। अपनी लागत को पानी में डूबते देख किसान चिंतित नजर आ रहे है। भारी बरसात एवं तेज हवा के झोंके के चलते किसानों की सब्जी की फसल भी बर्बाद हो गई है। किसानों का मानना है कि यदि इसी तरह दो तीन दिन और बारिश हो गई तो बची खुची सब्जी की फसल पूरी तरह सड कर खत्म हो जाएगी।बुधवार को सायंकाल तेज हवा के साथ शुरू हुई बरसात गुरुवार को भी जारी रही। तेज हवा व पानी के कारण जहा सड़कों पर पेड़ो का गिरना जारी है, वहीं बिजली के पोल भी धराशाई हो गए है। सड़क पर पेड़ो के गिरने के कारण राहगीरों को आवागमन में दिक्कतें हो रही है। भारी बारिश तथा हवा के कारण विद्युत आपूर्ति भी बुधवार को दोपहर से ही बाधित है। हल्की हवा चलने के कारण क्षेत्र में जब विद्युत आपूर्ति बाधित हो जाती है तो मानसूनी बारिश के साथ तेज हवा चलने से बाधित विद्युत आपूर्ति कब शुरू होगी, कुछ कहा नहीं जा सकता। भारी बारिश के वजह से कई गावों के घरों में पानी घुस गया है। जिससे ग्रामीणों को रात जगकर बितानी पड़ी।

