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बलिया : संचारी रोग नियंत्रण अभियान : जापानी इंसेफेलाइटिस के वाहक सूअर बाड़ो को आबादी से किया जाएगा दूर

संचारी रोग नियंत्रण अभियान : जापानी इंसेफेलाइटिस के वाहक सूअर बाड़ो को आबादी से किया जाएगा दूर 




 बलिया 10 जुलाई 2019 ।।
 संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान जापानी  इंसेफेलाइटिस के वाहक सूअर  बाड़ो को  चिन्हित कर आबादी से दूर किया जाएगा। आमजन डेंगू ,चिकनगुनिया ,और मलेरिया से ग्रसित न हो  इसके लिए लार्वि साइड का नियमित रूप से शहरी क्षेत्रों में छिड़काव कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां जेई/ए ई एस के रोगी पाए गए हैं। वहां पर रोस्टर बनाकर जिला मलेरिया कार्यालय की टीम द्वारा लार्वि साइड छिड़काव एवं फागिंग कराया जा रहा है ।साथ ही स्वास्थ्य जागरूकता हेतु प्रशिक्षित भी किया जा रहा है ।जिला मलेरिया अधिकारी आर पी निरंजन ने बताया कि संचारी अभियान की सप्ताहिक समीक्षा कर रिपोर्ट शासन को नियमित रूप से भेजी जा रही है। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जुड़े विभाग पूरे समर्पण भाव से सहयोग कर रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी  ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से ग्राम पंचायत, ब्लॉक ,तहसील स्तर पर लगातार रैली का आयोजन किया जा रहा है ।स्कूलों में बच्चों के बीच  पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित कर जागरूक की जा रही  है साथ ही प्रार्थना सभा में संचारी रोगों की शपथ दिलाई जा रही है ।
बुखार के रोगियों का शत-प्रतिशत उपचार कराए जाने के उद्देश्य से समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 10 बेड एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 4 बेड आरक्षित कराए गए हैं। कुपोषित बच्चों में से अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित करके पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जापानी इंसेफेलाइटिस रोग का सूअर प्रथम वाहक है तथा बीमारी फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है इसके लिए आबादी से बाहर सूअर बाड़े स्थानांतरित कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से सहयोग लिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सप्ताहिक रूप से लार्वि साइड का छिड़काव  कराया जा रहा है। वर्षा  तथा दूषित जल से होने वाले बीमारियों से बचाव हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पीने का पानी उबालकर प्रयोग मैं लाने की सलाह दी जा रही है। नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत आम लोगों को क्लोरीन युक्त पानी उपलब्ध कराने के लिए नगर पंचायत एवं नगर पालिका परिषद के अधिकारियों से आग्रह किया गया। इस अभियान में ज़िला मलेरिया अधिकारी  के साथ एपिडेमियोलॉजीस्ट डॉ ज़ियाउल हुडा डॉ नीलोत्पल बी वी डी कंसल्टेंट रागिनी जिला डाटा मैनेजर मुरली श्रीवास्तव का सहयोग इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए निरन्तर मिल रहा है ।