बोले सीएम योगी : बेहतर नतीजे के लिए टीम भावना से काम करें महत्वाकांक्षी जिलों के अधिकारी,डीएम मानकों के अनुपालन में निजी रुचि लें, कमिशनर भी करें नियमित समीक्षा, स्कूल चलो अभियान को बनाये जन आंदोलन
बोले सीएम योगी : बेहतर नतीजे के लिए टीम भावना से काम करें महत्वाकांक्षी जिलों के अधिकारी,डीएम मानकों के अनुपालन में निजी रुचि लें, कमिशनर भी करें नियमित समीक्षा, स्कूल चलो अभियान को बनाये जन आंदोलन
अकसर छुट्टी पर रहने वाले जिलाधिकारियों को फील्ड में रहने की कोई जरुरत नहीं
ओवर रिपोर्टिंग पर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी, कहा- सही और समय से कराएं डाटा एंट्री
स्कूल चलो अभियान को जनआंदोलन बनाने पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर
महत्वाकांक्षी जिलों के हर गांव को बनाएं आदर्श गांव
ए कुमार
लखनऊ 12 जुलाई 2019 ।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन में 8 महत्वाकांक्षी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर नतीजे बेहतर चाहते हैं तो टीम भावना से काम करें। सभी जिले आपस में स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा से काम करें। नीति आयोग द्वारा तय मानकों के अनुपालन में डीएम निजी रुचि लें। मंडलायुक्त जो काम हो रहे हैं उनकी नियमित समीक्षा करें। जरुरत के अनुसार मंडल के दूसरे जिलों में भी इनको लागू कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकसर छुट्टी पर रहने वाले जिलाधिकारियों को फील्ड में रहने की कोई जरुरत नहीं है। अपने जिलों में नियमित दौरा करें। अगर दौरा करते, समीक्षा करते तो तमाम मानकों में जो गिरावट आई है वो नहीं आती। योगी आदित्यनाथ ने अलग- अलग मानकों पर सभी जिलाधिकारियों से बात की और उनको निर्देश दिया। यह भी कहा कि आखिर साल भर से आप लोग क्या कर रहे थे, लगता है कभी फील्ड में नहीं जाते। अगर जाते तो यह स्थिति नहीं होती। कुछ जिलाधिकारियों द्वारा ओवर रिपोर्टिंग की बात कहे जाने पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्यों और कैसे ऐसा हुआ? डाटा एंट्री सही तरीके से और समय से कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके पास संसाधनों की कमी नहीं है, संतुस्त पदों से अधिक, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, शिक्षक और एएनएम दिए गए है। इनके योगदान को सुनिशचित कराएं और जो योगदान नहीं दे रहे हैं उन्हें दंडित करें। अभी प्रदेश के 8 महत्वकांक्षी जिलों मे से 6 अंडर 20 है, मैं चाहूंगा कि साल भीतर सभी जिले अंडर 10 में अपना स्थान दर्ज कराएं। इसके लिए टीम भावना है, कल से ही जुट जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वाकांक्षी जिलों के हर अस्पताल में डॉक्टर, पैरामेडीकल स्टाफ, जरुरी जांच और दवा की उपलब्धता सीएमओ खुद सुनिश्चित कराएं। स्कूल चलो अभियान को स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधिययों के सहयोग से जनआंदोलन का रुप दें। कॉपी, किताब और ड्रेस समय से बच्चों को उपलब्ध कराएं। घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करें। बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय हो इसे सुनिश्चित कराएं। स्कूलों के कायाकल्प अभियान में जनप्रतिनिधियों की मदद लें। स्कूलों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दें। इसके लिए आस पास के गांव से पढ़े-लिखे रिटायर लोगों को स्कूलों से जोड़े। बच्चों में सीखने की क्षमता बढ़े इसके लिए गणित और भाषा पर विशेष ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को दोबारा दाखिला देने के लिए उनके अभिभावकों से संपर्क करें। इन सभी गांव में बिजली कनेक्शन के लिए कैंप लगाने के भी उन्होंने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से इन जिलों के हर गांव को आदर्श गांव बनाएं। पहले चरण में ब्लॉक का एक गांव ,दूसरे चरण में न्याय पंचायत का एक गांव और तीसरे चरण में हर गांव को आदर्श गांव बनाएं। गांवों में तालाब, पोखर जल संचयन का अच्छा जरिया है, इसलिए इन्हें गंदगी का ठिकाना न बनने दें। गांव के लोगों को इससे अवगत कराएं कि गंदगी से ही बीमारियां फैलती है, जो हमारे लिए नुकसानदायक है। कौशल विकास योजना के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जो भी योजनाएं हैं उनको इन जिलों में लागू कराएं। बड़े पैमाने पर बैंकर्स से बातचीत करके जिले और ब्लॉक स्तर पर लोन मेला आयोजित कराएं। कौशल विकास में स्थानीय हूनर का ध्यान दें। आईटीआई सहित पास के प्रशिक्षण केंद्रों में संबंधित हूनर के बारे में ही लोगों को प्रशिक्षण दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि नीति आयोग ने देश के 115 जिलों का चयन महत्वाकांक्षी जिलों के रूप में किया है। इनमें उत्तर प्रदेश के आठ ( सोनभद्र, फतेहपुर, चित्रकूट, चंदौली, बलरामपुर, बहराईच, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर ) जिले हैं। मानव विकास सूचकांक, चिकित्सा एवं पोषण्, शिक्षा, कृषि, जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और आधारभूत संरचना जैसे 49 मानकों के आधार पर इनको चयन किया गया है।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सचिव मुख्यमंत्री मृत्युंजय नारायण समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
अकसर छुट्टी पर रहने वाले जिलाधिकारियों को फील्ड में रहने की कोई जरुरत नहीं
ओवर रिपोर्टिंग पर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी, कहा- सही और समय से कराएं डाटा एंट्री
स्कूल चलो अभियान को जनआंदोलन बनाने पर मुख्यमंत्री ने दिया जोर
महत्वाकांक्षी जिलों के हर गांव को बनाएं आदर्श गांव
ए कुमार
लखनऊ 12 जुलाई 2019 ।। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन में 8 महत्वाकांक्षी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर नतीजे बेहतर चाहते हैं तो टीम भावना से काम करें। सभी जिले आपस में स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा से काम करें। नीति आयोग द्वारा तय मानकों के अनुपालन में डीएम निजी रुचि लें। मंडलायुक्त जो काम हो रहे हैं उनकी नियमित समीक्षा करें। जरुरत के अनुसार मंडल के दूसरे जिलों में भी इनको लागू कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकसर छुट्टी पर रहने वाले जिलाधिकारियों को फील्ड में रहने की कोई जरुरत नहीं है। अपने जिलों में नियमित दौरा करें। अगर दौरा करते, समीक्षा करते तो तमाम मानकों में जो गिरावट आई है वो नहीं आती। योगी आदित्यनाथ ने अलग- अलग मानकों पर सभी जिलाधिकारियों से बात की और उनको निर्देश दिया। यह भी कहा कि आखिर साल भर से आप लोग क्या कर रहे थे, लगता है कभी फील्ड में नहीं जाते। अगर जाते तो यह स्थिति नहीं होती। कुछ जिलाधिकारियों द्वारा ओवर रिपोर्टिंग की बात कहे जाने पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्यों और कैसे ऐसा हुआ? डाटा एंट्री सही तरीके से और समय से कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके पास संसाधनों की कमी नहीं है, संतुस्त पदों से अधिक, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, शिक्षक और एएनएम दिए गए है। इनके योगदान को सुनिशचित कराएं और जो योगदान नहीं दे रहे हैं उन्हें दंडित करें। अभी प्रदेश के 8 महत्वकांक्षी जिलों मे से 6 अंडर 20 है, मैं चाहूंगा कि साल भीतर सभी जिले अंडर 10 में अपना स्थान दर्ज कराएं। इसके लिए टीम भावना है, कल से ही जुट जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वाकांक्षी जिलों के हर अस्पताल में डॉक्टर, पैरामेडीकल स्टाफ, जरुरी जांच और दवा की उपलब्धता सीएमओ खुद सुनिश्चित कराएं। स्कूल चलो अभियान को स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधिययों के सहयोग से जनआंदोलन का रुप दें। कॉपी, किताब और ड्रेस समय से बच्चों को उपलब्ध कराएं। घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रेरित करें। बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय हो इसे सुनिश्चित कराएं। स्कूलों के कायाकल्प अभियान में जनप्रतिनिधियों की मदद लें। स्कूलों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दें। इसके लिए आस पास के गांव से पढ़े-लिखे रिटायर लोगों को स्कूलों से जोड़े। बच्चों में सीखने की क्षमता बढ़े इसके लिए गणित और भाषा पर विशेष ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को दोबारा दाखिला देने के लिए उनके अभिभावकों से संपर्क करें। इन सभी गांव में बिजली कनेक्शन के लिए कैंप लगाने के भी उन्होंने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से इन जिलों के हर गांव को आदर्श गांव बनाएं। पहले चरण में ब्लॉक का एक गांव ,दूसरे चरण में न्याय पंचायत का एक गांव और तीसरे चरण में हर गांव को आदर्श गांव बनाएं। गांवों में तालाब, पोखर जल संचयन का अच्छा जरिया है, इसलिए इन्हें गंदगी का ठिकाना न बनने दें। गांव के लोगों को इससे अवगत कराएं कि गंदगी से ही बीमारियां फैलती है, जो हमारे लिए नुकसानदायक है। कौशल विकास योजना के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जो भी योजनाएं हैं उनको इन जिलों में लागू कराएं। बड़े पैमाने पर बैंकर्स से बातचीत करके जिले और ब्लॉक स्तर पर लोन मेला आयोजित कराएं। कौशल विकास में स्थानीय हूनर का ध्यान दें। आईटीआई सहित पास के प्रशिक्षण केंद्रों में संबंधित हूनर के बारे में ही लोगों को प्रशिक्षण दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि नीति आयोग ने देश के 115 जिलों का चयन महत्वाकांक्षी जिलों के रूप में किया है। इनमें उत्तर प्रदेश के आठ ( सोनभद्र, फतेहपुर, चित्रकूट, चंदौली, बलरामपुर, बहराईच, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर ) जिले हैं। मानव विकास सूचकांक, चिकित्सा एवं पोषण्, शिक्षा, कृषि, जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और आधारभूत संरचना जैसे 49 मानकों के आधार पर इनको चयन किया गया है।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सचिव मुख्यमंत्री मृत्युंजय नारायण समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

