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गोरखपुर में शिक्षामित्रों ने 25 जुलाई को शहीद दिवस के रूप में मनाया

गोरखपुर में शिक्षामित्रों ने 25 जुलाई को  शहीद दिवस के रूप में मनाया
ए कुमार

गोरखपुर 25 जुलाई 2019 ।। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर समस्त जनपदों में 25 जुलाई को शहीद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है । आज इसी परिप्रेक्ष्य में जनपद गोरखपुर में भी यहां के शिक्षामित्रों ने नॉर्मल कंपाउंड में जुट कर 25 जुलाई 2017 को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अवसाद में मृत्यु को प्राप्त हुए शिक्षा मित्रों के प्रति शहीद दिवस मनाते हुए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
    उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जनपद गोरखपुर के जिला अध्यक्ष राम नगीना निषाद के नेतृत्व में नार्मल कंपाउंड में जुटे सभी शिक्षामित्रों ने 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के बाद प्रदेश में लगभग 13 सौ से अधिक शिक्षामित्रों की अवसाद में हुई मौत को आज के दिन शहीद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया और उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की । जनपद गोरखपुर से भी 12 शिक्षामित्रों की मौत अवसाद के कारण हो चुकी है। इस दौरान श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष राम नगीना निषाद ने कहा 2001 से प्राथमिक विद्यालयों के रीढ़ माने जाने वाले शिक्षा मित्रों के साथ घोर अन्याय हुआ है प्रदेश में 172000 शिक्षामित्रों में से जिन 137000 शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक का मान सम्मान मिल चुका था, 40000 वेतन पा रहे थे, आज उनको साजिश के तहत कोर्ट से हटवा दिया गया है और 40,000 से 10000 मानदेय पर खड़ा कर दिया गया है, वह भी 11 महीने के लिए ही । जनपद के सभी शिक्षामित्रों से अपील की जाती है कि वह घबराए नहीं, हार ना माने संगठन लगातार शासन प्रशासन से मुलाकात कर रहा है और अपनी मांगों को उनके सामने रख रहा है निश्चित तौर से सरकार हम लोगों के प्रति सहानुभूति पूर्वक पक्ष में निर्णय लेगी। शिक्षामित्रों के सामने बड़ी संकट यह है कि जुलाई महीना बच्चों  के एडमिशन कॉपी किताब आदि के लिए काफी पैसे की आवश्यकता है  और  नौकरी  चले जाने के बाद  बड़ा संकट सामने है इसको देखते हुए आगे श्री निषाद ने सातवें वेतन का बकाया धनराशि एरियर के रूप में शासन प्रशासन से अविलंब भुगतान करने की मांग की है ताकि तत्काल आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षामित्रों को निजात मिल सके। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद जितने शिक्षा मित्र साथी शहीद हुए हैं उनके परिवार में आर्थिक मदद के साथ एक सरकारी नौकरी देने की भी मांग रखी है।
   इस कार्यक्रम में अविनाश कुमार, संतोष सिंह, धर्मेंद्र शर्मा, ईश्वरलाल ,सतीश चंद, रामनाथ ,दरबारी लाल मौर्या, लक्ष्मी नारायण वर्मा ,राकेश साहनी, अशोक चंद्रा ,राम भजन निषाद ,अजय कुमार यादव, दिनेश गुप्ता ,राम केसर, लक्ष्मी शंकर, राजेंद्र कुमार, राम केसर, अमरजीत ,मनोज यादव आदि दर्जनों शिक्षामित्र उपस्थित रहे।