गोरखपुर : रवि किशन के पर्चा दाखिला में उमड़ा जन सैलाब
रवि किशन के पर्चा दाखिला में उमड़ा जन सैलाब
ए कुमार
गोरखपुर 23 अप्रैल 2019 ।।
गोरखपुर लोक सभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार रविकिशन के पर्चा दाखिला से पहले गोरखनाथ का आशीर्वाद लिया और रुद्राभिषेक किया और वह से काफिला महाराणा प्रताप स्कूल मे विशाल जान सभा को संबोधन किया ।पर्चा दाखिला में मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र,बीजेपी उ0प्र0 केबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही जी महासचिव पंकज सिंह,गोरखपुर संसद ई0 प्रवीण निषाद,प्रदेश उपाध्यछ उपेंद्र दत्त शुक्ल, छेत्रीय अध्यछ डा0 धर्मेंद्र सिंह, छेत्रीय मंत्री विश्वजीत सिंह,आशु जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी और प्रदेश एवं जिले के अनेक पदाधिकारी एवं हजारो कार्यकर्ताओ की मौजूदगी में किया पर्चा दाखिला।
गोरखपुर लोकसभा सीट पर लगभग तीस साल तक गोरक्षपीठ का कब्जा रहा। 2017 के उपचुनाव में पहली बार सपा का खाता खुला। इस बार भाजपा और गठबंधन के उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है। लेकिन रविकिशन के लोकप्रियता को देखते हुए यह कहा जा सकता है की अबकी बार गोरखपुर में बीजेपी को अच्छे ओट मिलने की काफी संभावना है
20वीं सदी में, गोरखपुर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक केन्द्र बिन्दु था। आज यह शहर व्यापार का प्रमुख केन्द्र बन चुका है। गोरखपुर महानगर की अर्थव्यवस्था सेवा उद्योग पर आधारित है। गोरखपुर का नाम एक प्रसिद्ध तपस्वी सन्त मत्स्येन्द्रनाथ के प्रमुख शिष्य गोरखनाथ के नाम पर रखा गया है। गोरखपुर में राप्ती और रोहिणी नदियों का संगम है। गोरखपुर शहर की संस्कृति अपने आप में अद्भुत है।
राजनीतिक दृष्टि से गोरखपुर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। गोरखपुर भाजपा का एक मजबूत गढ़ है। 1989 से लगातार गोरखपुर लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा रहा। 1998 से लेकर 2014 तक लगातार योगी आदित्यनाथ इस सीट से चुनाव जीतते रहे ।
गोरखपुर के जातीय गणित पर गौर करें, तो इस सीट पर 2014 के आंकड़ों के मुताबिक कुल 19,03,988 मतदाता हैं, जिसमें 10,55,209 पुरुष और 8,48,621 महिला मतदाता हैं। इनमें 3.5 लाख निषाद मतदाता हैं। यादव और दलित मतदाता तकरीबन दो-दो लाख हैं। ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या तकरीबन डेढ़ लाख है।
2014 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ को कुल 5,39,127 मत मिले थे। दूसरे नंबर पर सपा की राजमति निषाद थीं, जिनको 2,26,344 मत हासिल हुए थे। तीसरे नंबर पर बसपा के राम भुआल निषाद थे। राम भुआल को कुल 1,76,412 मत मिले थे। सपा ने इस बार गोरखपुर लोकसभा सीट पर प्रवीण निषाद को प्रत्याशी न बनाकर रामभुआल निषाद को मैदान में उतारा है। भाजपा से भोजपुरी फिल्म अभिनेता रवि किशन प्रत्याशी हैं। पर्चा दाखिला में उमड़ा जान सैलाब को देखते हुए ऐसा लग रहा है की बीजपी की राह आसान होगी ।
गोरखपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें गोरखपुर शहरी, गोरखपुर ग्रामीण, पिपराइच, कैम्पियरगंज और सहजनवा विधानसभा शामिल हैं।
गोरखपुर सीट भाजपा का गढ़ है। इसलिए इस सीट को जीतना भाजपा के लिए नाक का सवाल है।
हालांकि, इस बार भाजपा के पास एक मजबूत प्रत्याशी के तौर पर रवि किशन शुक्ला मैदान में हैं, जो भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता हैं। नौजवानों में उनकी मजबूत पकड़ है। भोजपुरी क्षेत्र के लोग उन्हें काफी पसंद करते हैं। इससे यह उम्मीद की जा सकती है कि बीजेपी उम्मीदवार रवि किशन को जनता लोकसभा में भेजने का मन बना चुकी है । इसके बारे में सही जानकारी तो नतीजों के बाद ही मिलेगी। बीजेपी कार्यकर्तों का मनोबल काफी उत्साह में नजर आ रहा है । गोरखपुर में चुनाव सातवें चरण यानि 19 मई को होंगें ,नतीजे 23 मई को घोषित किये जाएंगे।
ए कुमार
गोरखपुर 23 अप्रैल 2019 ।।
गोरखपुर लोक सभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार रविकिशन के पर्चा दाखिला से पहले गोरखनाथ का आशीर्वाद लिया और रुद्राभिषेक किया और वह से काफिला महाराणा प्रताप स्कूल मे विशाल जान सभा को संबोधन किया ।पर्चा दाखिला में मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र,बीजेपी उ0प्र0 केबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही जी महासचिव पंकज सिंह,गोरखपुर संसद ई0 प्रवीण निषाद,प्रदेश उपाध्यछ उपेंद्र दत्त शुक्ल, छेत्रीय अध्यछ डा0 धर्मेंद्र सिंह, छेत्रीय मंत्री विश्वजीत सिंह,आशु जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी और प्रदेश एवं जिले के अनेक पदाधिकारी एवं हजारो कार्यकर्ताओ की मौजूदगी में किया पर्चा दाखिला।
गोरखपुर लोकसभा सीट पर लगभग तीस साल तक गोरक्षपीठ का कब्जा रहा। 2017 के उपचुनाव में पहली बार सपा का खाता खुला। इस बार भाजपा और गठबंधन के उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है। लेकिन रविकिशन के लोकप्रियता को देखते हुए यह कहा जा सकता है की अबकी बार गोरखपुर में बीजेपी को अच्छे ओट मिलने की काफी संभावना है
20वीं सदी में, गोरखपुर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक केन्द्र बिन्दु था। आज यह शहर व्यापार का प्रमुख केन्द्र बन चुका है। गोरखपुर महानगर की अर्थव्यवस्था सेवा उद्योग पर आधारित है। गोरखपुर का नाम एक प्रसिद्ध तपस्वी सन्त मत्स्येन्द्रनाथ के प्रमुख शिष्य गोरखनाथ के नाम पर रखा गया है। गोरखपुर में राप्ती और रोहिणी नदियों का संगम है। गोरखपुर शहर की संस्कृति अपने आप में अद्भुत है।
राजनीतिक दृष्टि से गोरखपुर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। गोरखपुर भाजपा का एक मजबूत गढ़ है। 1989 से लगातार गोरखपुर लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा रहा। 1998 से लेकर 2014 तक लगातार योगी आदित्यनाथ इस सीट से चुनाव जीतते रहे ।
गोरखपुर के जातीय गणित पर गौर करें, तो इस सीट पर 2014 के आंकड़ों के मुताबिक कुल 19,03,988 मतदाता हैं, जिसमें 10,55,209 पुरुष और 8,48,621 महिला मतदाता हैं। इनमें 3.5 लाख निषाद मतदाता हैं। यादव और दलित मतदाता तकरीबन दो-दो लाख हैं। ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या तकरीबन डेढ़ लाख है।
2014 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ को कुल 5,39,127 मत मिले थे। दूसरे नंबर पर सपा की राजमति निषाद थीं, जिनको 2,26,344 मत हासिल हुए थे। तीसरे नंबर पर बसपा के राम भुआल निषाद थे। राम भुआल को कुल 1,76,412 मत मिले थे। सपा ने इस बार गोरखपुर लोकसभा सीट पर प्रवीण निषाद को प्रत्याशी न बनाकर रामभुआल निषाद को मैदान में उतारा है। भाजपा से भोजपुरी फिल्म अभिनेता रवि किशन प्रत्याशी हैं। पर्चा दाखिला में उमड़ा जान सैलाब को देखते हुए ऐसा लग रहा है की बीजपी की राह आसान होगी ।
गोरखपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें गोरखपुर शहरी, गोरखपुर ग्रामीण, पिपराइच, कैम्पियरगंज और सहजनवा विधानसभा शामिल हैं।
गोरखपुर सीट भाजपा का गढ़ है। इसलिए इस सीट को जीतना भाजपा के लिए नाक का सवाल है।
हालांकि, इस बार भाजपा के पास एक मजबूत प्रत्याशी के तौर पर रवि किशन शुक्ला मैदान में हैं, जो भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता हैं। नौजवानों में उनकी मजबूत पकड़ है। भोजपुरी क्षेत्र के लोग उन्हें काफी पसंद करते हैं। इससे यह उम्मीद की जा सकती है कि बीजेपी उम्मीदवार रवि किशन को जनता लोकसभा में भेजने का मन बना चुकी है । इसके बारे में सही जानकारी तो नतीजों के बाद ही मिलेगी। बीजेपी कार्यकर्तों का मनोबल काफी उत्साह में नजर आ रहा है । गोरखपुर में चुनाव सातवें चरण यानि 19 मई को होंगें ,नतीजे 23 मई को घोषित किये जाएंगे।








