गोरखपुर से इस विधायक पर दांव लगाएगी भाजपा, साधेगी एक तीर से कई निशाना !
गोरखपुर से इस विधायक पर दांव लगाएगी भाजपा, साधेगी एक तीर से कई निशाना !
ए कुमार
गोरखपुर 11 अप्रैल 2019 ।।
भारतीय जनता पार्टी गोरखपुर सीट पर जीत पुख्ता करने के लिए लगातार मंथन कर रही है। गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र के कई दावेदारों को पार्टी में शामिल कराकर संगठन के बड़े नेता और पशोपेश में पड़ गए हैं। अब वे मध्यमार्ग निकालना चाह रहे हैं। ताजा चर्चा यह है कि पिपराइच के विधायक महेंद्र प्रताप सिंह पर पार्टी दांव लगा सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस नाम पर सहमत हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से कोई भी कुछ कहने से बच रहा है।महेंद्र पाल सिंह पिपराइच क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबियों में भी गिने जाते हैं। सैंथवार बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले महेंद्र पाल सिंह के चुनाव लड़ने से भाजपा कई समीकरण साध सकती है। कहा जा रहा है कि महेंद्र पाल सिंह के चुनाव लड़ने से संगठन में भी विरोध के स्वर नहीं उठेंगे, दूसरी बात यह कि इनके चुनाव मैदान में आने से क्षत्रिय-ब्राह्मण वर्चस्व की लड़ाई भी खत्म होती नजर आएगी। क्योंकि क्षत्रिय-ब्राह्मण में से किसी एक बिरादरी पर दांव लगाने पर दूसरी बिरादरी को मनाना बहुत मुश्किलों वाला काम हो सकता है। इस नए नाम पर एक और चर्चा यह है कि कुछ दिनों पहले ही बीजेपी ने पूर्व मंत्री जमुना निषाद की पत्नी पूर्व विधायक राजमति निषाद व उनके बेटे अमरेंद्र निषाद को शामिल कराया था। महेंद्र पाल सिंह के टिकट मिलने से भाजपा इन दोनों को यह समझाने में सफल रहेगी कि महेंद्र पाल सिंह के चुनाव जीतने के बाद उनके लिए बेहतर संभावना बन सकती है। राजमति निषाद पिपराइच से विधायक रह चुकी हैं। ऐसे में जमुना निषाद का कुनबा उपचुनाव की आस में विरोध नहीं करेगा। उधर, निषाद पार्टी को लेकर चर्चा यह है कि भाजपा प्रवीण निषाद को भदोही भेज सकती है। भदोही में निषाद बाहुल्य है। यही नहीं पिपराइच उपचुनाव होने पर निषाद पार्टी को चुनाव लड़ाने के लिए वादा कर सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा अपने इस विधायक पर दांव लगाकर एक तीर से कई निशाना साध सकती है। फिलहाल, विधायक महेंद्र पाल सिंह के नाम की चर्चा ही है, इनके बारे में शीर्ष नेतृत्व कितना मंथन कर रहा है यह कोई कहने की स्थिति में नहीं है।
ए कुमार
गोरखपुर 11 अप्रैल 2019 ।।
भारतीय जनता पार्टी गोरखपुर सीट पर जीत पुख्ता करने के लिए लगातार मंथन कर रही है। गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र के कई दावेदारों को पार्टी में शामिल कराकर संगठन के बड़े नेता और पशोपेश में पड़ गए हैं। अब वे मध्यमार्ग निकालना चाह रहे हैं। ताजा चर्चा यह है कि पिपराइच के विधायक महेंद्र प्रताप सिंह पर पार्टी दांव लगा सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस नाम पर सहमत हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से कोई भी कुछ कहने से बच रहा है।महेंद्र पाल सिंह पिपराइच क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबियों में भी गिने जाते हैं। सैंथवार बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले महेंद्र पाल सिंह के चुनाव लड़ने से भाजपा कई समीकरण साध सकती है। कहा जा रहा है कि महेंद्र पाल सिंह के चुनाव लड़ने से संगठन में भी विरोध के स्वर नहीं उठेंगे, दूसरी बात यह कि इनके चुनाव मैदान में आने से क्षत्रिय-ब्राह्मण वर्चस्व की लड़ाई भी खत्म होती नजर आएगी। क्योंकि क्षत्रिय-ब्राह्मण में से किसी एक बिरादरी पर दांव लगाने पर दूसरी बिरादरी को मनाना बहुत मुश्किलों वाला काम हो सकता है। इस नए नाम पर एक और चर्चा यह है कि कुछ दिनों पहले ही बीजेपी ने पूर्व मंत्री जमुना निषाद की पत्नी पूर्व विधायक राजमति निषाद व उनके बेटे अमरेंद्र निषाद को शामिल कराया था। महेंद्र पाल सिंह के टिकट मिलने से भाजपा इन दोनों को यह समझाने में सफल रहेगी कि महेंद्र पाल सिंह के चुनाव जीतने के बाद उनके लिए बेहतर संभावना बन सकती है। राजमति निषाद पिपराइच से विधायक रह चुकी हैं। ऐसे में जमुना निषाद का कुनबा उपचुनाव की आस में विरोध नहीं करेगा। उधर, निषाद पार्टी को लेकर चर्चा यह है कि भाजपा प्रवीण निषाद को भदोही भेज सकती है। भदोही में निषाद बाहुल्य है। यही नहीं पिपराइच उपचुनाव होने पर निषाद पार्टी को चुनाव लड़ाने के लिए वादा कर सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा अपने इस विधायक पर दांव लगाकर एक तीर से कई निशाना साध सकती है। फिलहाल, विधायक महेंद्र पाल सिंह के नाम की चर्चा ही है, इनके बारे में शीर्ष नेतृत्व कितना मंथन कर रहा है यह कोई कहने की स्थिति में नहीं है।


