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बलिया : मौसम का मिजाज बदलते ही संक्रामक बीमारियों ने पाँव पसारे ,चिकनपॉक्स ने भी पसारे पांव

मौसम का मिजाज बदलते ही संक्रामक बीमारियों ने पाँव पसारे ,चिकनपॉक्स ने भी पसारे पांव

बलिया, 10 अप्रैल 2019 - गर्मी बढ़ने के साथ ही कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों जैसे- मलेरिया, टाइफाइड, वायरल बुखार, चिकनपॉक्स आदि ने भी पाँव पसारना शुरू कर दिया है। चिकनपॉक्स भी जनपद में अपने पाँव फैला रहा है जिसकी चपेट में बड़े ही नही बल्कि बच्चे भी आ रहें हैं| आए दिन सरकारी एवं प्राइवेट चिकित्सालयों में मरीजो की तादाद बढ़ रही है।  इसलिए स्वयं के साथ अपने एवं घर के आस-पास साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ० विजय यादव ने इस मौसम में तेज़ी से फैलने वाली चिकनपॉक्स बीमारी के सम्बन्ध में बताया कि यह गर्मियों में होने वाली बीमारियों में से एक है जिसे बोलचाल की भाषा में चेचक भी कहा जाता है| इसकी शुरुआत शरीर पर लाल चकत्ते  पड़ने से होती है, जो धीरे-धीरे पानी से भरे फफोले का रूप ले लेते हैं| साथ ही पीड़ित व्यक्ति को हल्का बुखार आना शुरू हो जाता है| यह संक्रमण शरीर में सामान्यत: दो हफ्ते तक रहता है|
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० प्रीतम कुमार मिश्रा ने बताया कि चिकनपॉक्स ‘बैरी सेला जास्टर’ वायरस से होता है| यह बीमारी बच्चों एवं बड़ों दोनों में होती हैं| बच्चों में इसका प्रतिशत अधिक होता है| उन्होंने बताया कि यह एक संक्रामक  बीमारी है, जिसके लक्षण दिखते ही नज़दीक के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर सम्पूर्ण जांच कराएं और बिना डॉक्टर या विशेषज्ञ के किसी भी प्रकार की दवा  का सेवन न करें। उन्होंने किसी भी प्रकार के झाड़-फूँक से बचने की सलाह दी और कहा कि चिकनपॉक्स को माता समझ इलाज में लापरवाही न करें|
चिकनपॉक्स के लक्षण



रोगी को तेज़ बुखार आना
भूख न लगना और उल्टी होना, सिरदर्द, बेचैनी
तीसरे या चौथे दिन शरीर पर लाल-लाल निशान दिखाई देते हैं
यह निशान सबसे पहले माथा, गर्दन, छाती आदि में दिखते हैं।
बाद में पूरे शरीर में फ़ैल जाते हैं
ज्यादा गंभीर होने पर नाक, आँख, जीभ आदि जगहों में लाल-लाल निशान निकलकर छालों की तरह हो जाते हैं।
धीरे-धीरे और अधिक बुखार होने लगता है।

बचाव और सावधानियां - आँखों की सफाई और रक्षा का पूरा ध्यान देना चाहिए। मुंह पर  मास्क लगाना, लाल निशानों को न खुजलायें और पानी अधिक से अधिक पीते रहें।