ओडिशा: दूसरी जाति में शादी की सजा, साइकिल पर ले जानी पड़ी पत्नी का शव

2 अगस्त 2018 ।।
ओडिशा की वो घटना आपको याद ही होगी, जब एम्बुलेंस के पैसे न होने के चलते एक शख्स को अपनी पत्नी लाश कंधे पर ढोनी पड़ी थी. ओडिशा के ही बौद्ध जिले में फिर ऐसी ही एक घटना सामने आई है जिसमें लाश को कंधा देने से पूरे गांव ने इनकार कर दिया और उसे साइकिल पर बांधकर श्मशान तक ले जाया गया. इस लाश के साथ ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि मरने वाली महिला की बहन के पति ने दूसरी जाति में शादी कर ली थी.
ओडिशा के कृष्नापल्ली गांव के रहने वाले चतुर्भुज बांक ने पहली पत्नी से बच्चा न होने के चलते दूसरी जाति की एक लड़की से शादी कर ली थी, जिसके बाद गांव ने उसके परिवार का हुक्कापानी बंद कर दिया था. चतुर्भुज की पत्नी की बहन को बीते दिनों डायरिया हो गया और दो दिन इलाज चलने के बाद बुधवार को अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई.
अस्पताल की एम्बुलेंस उसकी लाश चतुर्भुज के घर छोड़ गई लेकिन गांव के लोगों ने उसे श्मशान ले जाने में मदद करने से साफ़ इनकार कर दिया. गांव वालों के अंतिम संस्कार में शामिल न होने के फैसले के बाद चतुर्भुज खुद लाश को एक साइकिल के जरिए श्मशान ले गया और अंतिम संस्कार पूरा हो सका ।
ओडिशा के कृष्नापल्ली गांव के रहने वाले चतुर्भुज बांक ने पहली पत्नी से बच्चा न होने के चलते दूसरी जाति की एक लड़की से शादी कर ली थी, जिसके बाद गांव ने उसके परिवार का हुक्कापानी बंद कर दिया था. चतुर्भुज की पत्नी की बहन को बीते दिनों डायरिया हो गया और दो दिन इलाज चलने के बाद बुधवार को अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई.
अस्पताल की एम्बुलेंस उसकी लाश चतुर्भुज के घर छोड़ गई लेकिन गांव के लोगों ने उसे श्मशान ले जाने में मदद करने से साफ़ इनकार कर दिया. गांव वालों के अंतिम संस्कार में शामिल न होने के फैसले के बाद चतुर्भुज खुद लाश को एक साइकिल के जरिए श्मशान ले गया और अंतिम संस्कार पूरा हो सका ।
ओडिशा: दूसरी जाति में शादी की सजा, साइकिल पर ले जानी पड़ी पत्नी का शव
Reviewed by बलिया एक्सप्रेस
on
August 02, 2018
Rating: 5
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