60 वर्ष की उम्र के बाद पत्रकारों को मिले पेंशन का सहारा, प्रेस क्लब ने शासन से की मांग
गोरखपुर/लखनऊ ।। पत्रकारों के लिए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग को लेकर गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में प्रेस क्लब का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को लखनऊ पहुंचा और सूचना निदेशक विशाल सिंह से मुलाकात कर पत्रकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र पत्रकारों के लिए नियमित पेंशन योजना लागू किए जाने की मांग उठाई और इस संबंध में मांग पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी और मान्यता प्राप्त समिति के अध्यक्ष अरविंद राय ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने सूचना निदेशक के समक्ष पत्रकारों की कार्य परिस्थितियों, भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और वरिष्ठ पत्रकारों की जरूरतों से जुड़े विषयों को विस्तार से रखा।
पत्रकार प्रतिनिधियों का कहना था कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति निरंतर जिम्मेदारी निभाने वाला कार्य है। पत्रकारों को रोजाना विभिन्न परिस्थितियों में काम करते हुए जनसमस्याओं, प्रशासनिक मुद्दों और जनहित से जुड़े मामलों को सामने लाना पड़ता है। कई बार सीमित संसाधनों के बावजूद पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और लंबे समय तक सक्रिय रहकर समाज की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ पत्रकारों के सामने आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में लंबे समय तक पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ पत्रकारों के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिससे उन्हें जीवन के इस पड़ाव पर आर्थिक असुरक्षा का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य से 60 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले पात्र पत्रकारों को पेंशन का लाभ दिए जाने की मांग की गई है।
मांग पत्र में पत्रकारों के लिए ऐसी पेंशन व्यवस्था विकसित करने की अपील की गई है, जिससे पात्रता पूरी करने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को नियमित आर्थिक सहायता मिल सके। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यह व्यवस्था पत्रकारों के योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने सूचना निदेशक को बताया कि पत्रकारिता का क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदला है। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल माध्यमों के विस्तार के साथ समाचार संकलन और प्रसारण का स्वरूप भी बदल गया है। इसके बावजूद पत्रकारों की मूल जिम्मेदारी जनहित के मुद्दों को सामने लाने की बनी हुई है। कई पत्रकार अपने कार्यकाल का लंबा समय समाज की समस्याओं और आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देने में लगाते हैं।
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने कहा कि पत्रकार लगातार समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को सामने लाने और उन्हें शासन तक पहुंचाने का काम करते हैं। ऐसे में पत्रकारों के लिए भी भविष्य की सामाजिक सुरक्षा को लेकर ठोस नीति बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र पत्रकारों को पेंशन मिलने से वरिष्ठ पत्रकारों को आर्थिक संबल मिलेगा और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता मिलेगी।
मान्यता प्राप्त समिति के अध्यक्ष अरविंद राय ने कहा कि पेंशन की मांग किसी एक व्यक्ति या वर्ग विशेष के लाभ के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र में नियमित आय का साधन कमजोर होने पर पत्रकारों और उनके परिवारों के सामने कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं। ऐसे में सरकार को पत्रकारों के लिए प्रभावी पेंशन व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने सूचना निदेशक विशाल सिंह से पत्रकारों से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुना और मांग पत्र प्राप्त किया। पत्रकार प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों को शासन स्तर पर उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा और वरिष्ठ पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा के इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल होगी।
प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी संबंधित स्तर पर संवाद जारी रखा जाएगा। उनका कहना है कि पत्रकारों के लिए सम्मानजनक कार्य वातावरण के साथ-साथ उनके भविष्य की सुरक्षा भी जरूरी है। 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन की व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
प्रतिनिधिमंडल में गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, मान्यता प्राप्त समिति के अध्यक्ष अरविंद राय सहित अन्य पत्रकार और सहयोगी मौजूद रहे।








