गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने 251 कन्याओं और बटुकों का किया पूजन, पांव पखारकर लिया आशीर्वाद
विजयादशमी पर सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति का किया आह्वान
गोरखपुर।। शारदीय नवरात्र की महानवमी के पावन अवसर पर सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में परंपरागत विधि-विधान के साथ कन्या पूजन किया। मुख्यमंत्री ने कन्याओं और बटुकों के पांव पखारकर उनका तिलक किया और श्रद्धाभाव से पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने 251 कन्याओं और बटुकों को सम्मानपूर्वक भोजन कराया। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में नवरात्र की आस्था और सनातन परंपरा की झलक देखने को मिली।
महानवमी पर मुख्यमंत्री ने कन्याओं को मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का प्रतीक मानते हुए उनका पूजन किया। उन्होंने बटुकों का भी विधिवत पूजन किया और सभी को आदर के साथ भोजन कराया। नवरात्र के अंतिम दिनों में होने वाला कन्या पूजन शक्ति की आराधना और नारी के सम्मान से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपरा है। गोरखनाथ मंदिर में इस परंपरा का निर्वहन करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धा और भक्ति के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया।
सनातन परंपरा में नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान कन्याओं के पांव पखारने, तिलक लगाने, पूजन करने और भोजन कराने की परंपरा है। गोरखनाथ मंदिर में भी इसी धार्मिक मान्यता के अनुरूप कन्याओं और बटुकों का पूजन किया गया। 251 बच्चों को भोजन कराने के साथ मुख्यमंत्री ने इस परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
महानवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की बधाई और विजयादशमी की शुभकामनाएं भी दीं। अपने संदेश में उन्होंने मां दुर्गा के पराक्रम और प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, नारी सम्मान की रक्षा करने और कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप कानून का शासन स्थापित करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का इस्तेमाल गरीबों के हित में किए जाने का उल्लेख भी किया। उन्होंने बताया कि प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे। इस क्षेत्र को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने इसे कानून के शासन और जरूरतमंदों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि रावण के पुतले के दहन के साथ समाज में मौजूद अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता को समाप्त करने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने नशे की लत, पारिवारिक कलह, जातीय भेदभाव और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों से मुक्ति के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
गोरखनाथ मंदिर में महानवमी पर संपन्न कन्या पूजन और मुख्यमंत्री का विजयादशमी संदेश धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी पर भी केंद्रित रहा। एक ओर 251 कन्याओं और बटुकों का पूजन कर उन्हें भोजन कराया गया, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से मर्यादा, न्याय, नारी सम्मान और सामाजिक समरसता के मूल्यों को जीवन में अपनाने की अपील की।











