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शिवकुमार त्रिपाठी हत्याकांड का वीडियो वायरल, हमले के बाद सड़क पर पीछा करने का दावा; आठ आरोपी गिरफ्तार






 

गोरखपुर।। सिकरीगंज थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव में बिजली विभाग से जुड़े ठेकेदार शिवकुमार त्रिपाठी की हत्या के बाद घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सड़क पर दो लोगों के बीच झड़प और एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला किए जाने जैसे दृश्य दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर लोगों में चर्चा और आक्रोश बढ़ गया है।


बताया जा रहा है कि 8 अगस्त को शिवकुमार त्रिपाठी गांव में आयोजित ब्रह्मभोज कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान उन पर हमला किया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में दोबारा हमला किए जाने की बात सामने आई है। वायरल वीडियो में भी एक व्यक्ति को सड़क पर भागते और दूसरे व्यक्ति को उसके पीछे जाते हुए देखा जा सकता है।



वीडियो के अलग-अलग हिस्सों में सड़क पर मौजूद लोगों की गतिविधियां दिखाई देती हैं। एक युवक घायल व्यक्ति का पीछा करता नजर आता है और उसके हाथ में हथियार जैसा कुछ दिखाई दे रहा है। घायल व्यक्ति बचने के लिए आगे बढ़ता है, जबकि हमलावर उसके पीछे जाता दिखाई देता है। वीडियो में कुछ अन्य लोग भी मौजूद हैं। फुटेज के इन्हीं दृश्यों को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह शिवकुमार पर दोबारा किए गए हमले से जुड़ा है।


सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि ब्रह्मभोज के दौरान शिवकुमार पर हमला करने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में ऑटो रोककर उन्हें बाहर निकाला गया और कुछ दूरी तक ले जाकर दोबारा हमला किया गया। पोस्ट में राहुल चौधरी और रोहित चौधरी समेत कुछ लोगों को घटना से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, वायरल पोस्ट में किए गए हर दावे को पुलिस जांच की अंतिम पुष्टि के बाद ही तथ्य माना जा सकता है।


हत्याकांड को लेकर पुलिस की जांच में पुरानी रंजिश का पहलू सामने आया है। वर्ष 2024 में हुई आदेश चौधरी की हत्या के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद चला आ रहा था। पुलिस इसी रंजिश को शिवकुमार की हत्या की एक प्रमुख वजह मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। घटना में शामिल लोगों की भूमिका और हत्या के पीछे की पूरी वजह को लेकर विवेचना जारी है।


हत्याकांड के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सात नामजद आरोपियों में से छह की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि विवेचना के दौरान सामने आए दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया है। इस तरह मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या आठ हो गई है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानी NSA के तहत निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सिकरीगंज थाना प्रभारी अंजुल चतुर्वेदी को लाइन हाजिर किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


वायरल वीडियो अब इस मामले की जांच में अहम भूमिका निभा सकता है। पुलिस को वीडियो की वास्तविकता, उसके बनाए जाने का समय और स्थान तथा उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की पुष्टि करनी होगी। वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम का मिलान प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों से किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि वायरल फुटेज का हत्याकांड से वास्तविक संबंध क्या है।


घटना के बाद सोशल मीडिया पर शिवकुमार के परिवार को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है। कई पोस्ट में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। कुछ लोगों की ओर से 24 घंटे के भीतर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग भी की जा रही है। हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई जांच और कानून के मुताबिक ही की जानी चाहिए।


वायरल वीडियो ने शिवकुमार हत्याकांड को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की ओर से आठ आरोपियों की गिरफ्तारी और NSA की कार्रवाई के निर्देश के बाद अब जांच का दायरा वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों तक पहुंच गया है। पुलिस की विवेचना से ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले लोग कौन हैं, घटना का वास्तविक क्रम क्या था और हत्या में प्रत्येक आरोपी की भूमिका कितनी रही।