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बालिकाओं के मानवाधिकारों की सुरक्षा पर पुलिस, ब्लॉक, पंचायत, शिक्षक एवं अभिभावकों की संयुक्त कार्यशाला संपन्न






 बहेरी, बलिया।।मंगलवार दिनांक 28 जुलाई 2026 को  नव भारती नारी विकास समिति, बहेरी, जनपद बलिया (उत्तर प्रदेश) द्वारा "बालिकाओं के मानवाधिकारों की सुरक्षा हेतु पुलिस, ब्लॉक, पंचायत, शिक्षक एवं अभिभावकों की संयुक्त बैठक" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन स्थान साथी मैरेज हाल होराइजन स्कूल के पास, गड़वार बलिया (उ० प्र०) किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सत्य प्रकास  (BDO) गड़वार   तथा विशिष्ट अतिथि श्री/श्रीमती सोनाली सिंह  (महिला थाना प्रभारी गड़वार )  एव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में थाना प्रभारी, बाल संरक्षण इकाई के प्रतिनिधि, खंड विकास कार्यालय के अधिकारी, ग्राम प्रधान, पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षकगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहुएँ, अभिभावक, किशोरियाँ एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। संस्था के प्रतिनिधि ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बालिकाओं के मानवाधिकारों की रक्षा करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक बालिका को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और समान अवसर प्राप्त होना उसका संवैधानिक एवं मानवीय अधिकार है। उन्होंने बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी, लैंगिक हिंसा तथा बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथियों ने बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों, पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या उत्पीड़न की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

कार्यशाला के दौरान पुलिस विभाग, ब्लॉक प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकगण एवं अभिभावकों के बीच संवाद आयोजित किया गया, जिसमें बालिकाओं की सुरक्षा, विद्यालय में नियमित उपस्थिति, डिजिटल सुरक्षा, लैंगिक समानता तथा समुदाय आधारित संरक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह सामूहिक संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने, बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने तथा सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए मिलकर कार्य करेंगे।

अंत में संस्था की ओर से सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी विभागों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।