कानपुर में ITBP जवान का गुस्सा क्यों फूटा? मां का कटा हाथ लेकर इंसाफ के लिए पहुंचा कमिश्नर ऑफिस, मचा हड़कंप
कानपुर।।उत्तर प्रदेश के कानपुर में मई 2026 में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामला ITBP जवान विकास सिंह की मां के इलाज से जुड़ा है। आरोप है कि अस्पताल की कथित लापरवाही के कारण उनकी मां का हाथ काटना पड़ा। कई दिनों तक कार्रवाई न होने के बाद मामला इतना बढ़ गया कि ITBP के अधिकारी और जवान पुलिस कमिश्नरेट तक पहुंच गए।
जानकारी के मुताबिक विकास सिंह की मां को सांस लेने में दिक्कत होने पर कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान महिला के हाथ में संक्रमण फैल गया। धीरे-धीरे हाथ की हालत बिगड़ती चली गई और कुछ ही दिनों में हाथ काला पड़ने लगा। परिवार लगातार डॉक्टरों से इलाज ठीक करने की गुहार लगाता रहा, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
जब स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई तो महिला को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि संक्रमण काफी फैल चुका है और महिला की जान बचाने के लिए हाथ काटना जरूरी है। इसके बाद महिला का हाथ काटना पड़ा। परिवार का आरोप है कि अगर शुरुआती इलाज सही तरीके से होता तो यह स्थिति नहीं आती।
मां की हालत देखकर ITBP जवान विकास सिंह ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू की। उनका आरोप था कि उन्होंने पुलिस को शिकायत दी, लेकिन कई दिनों तक FIR दर्ज नहीं की गई। वह लगातार थाने और अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इसके बाद मामला उस समय चर्चा में आ गया जब विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ मेडिकल बॉक्स में लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। वहां मौजूद लोग यह दृश्य देखकर हैरान रह गए। घटना का वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पूरे प्रदेश में इसकी चर्चा शुरू हो गई।
घटना के बाद ITBP के कुछ अधिकारी और जवान भी कमिश्नरेट पहुंचे। सोशल मीडिया पर इसे “कमिश्नरेट घेरने” जैसी स्थिति बताया गया, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जवान अपने साथी के समर्थन में पहुंचे थे और स्थिति नियंत्रण में थी।
मामले ने तूल पकड़ा तो स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आया। अस्पताल के इलाज और पूरी प्रक्रिया की जांच के लिए मेडिकल टीम गठित की गई। पुलिस अधिकारियों ने भी कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। यदि इलाज में लापरवाही साबित होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने कानपुर में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली, मरीजों की सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई की गति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। एक जवान का अपनी मां के लिए न्याय मांगते हुए इस तरह सामने आना लोगों के बीच चर्चा और बहस का बड़ा विषय बन गया।







