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अनुमति के बावजूद नवरात्रि मेले में पुलिस का ‘तांडव’, मारपीट व तोड़फोड़ का आरोप, जनरेटर बंद कर कराया अंधेरा, की गयी शिकायत

 






पूर बलिया।।उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर से विधिवत अनुमति मिलने के बावजूद पकड़ी थाना पुलिस पर मां खिलाकी भवानी मंदिर परिसर में आयोजित नवरात्रि मेले में उत्पात मचाने का आरोप लगा है। घटना से मेले में अफरातफरी मच गई, दुकानदारों में भगदड़ की स्थिति बन गई और मौके पर मौजूद महिलाओं व श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

बताया जाता है कि क्षेत्र के पुर स्थित मां खिलाकी भवानी मंदिर पर चैत्र नवरात्रि के अवसर पर मेला आयोजित था। आयोजन समिति ने पहले ही एसडीएम सिकंदरपुर से अनुमति प्राप्त कर ली थी, जिसके तहत 29 मार्च तक मेले के संचालन की इजाजत दी गई थी। आरोप है कि 28 मार्च की शाम करीब 8:30 बजे पकड़ी थानाध्यक्ष लालमणि सरोज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मेले में कार्रवाई शुरू कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने न सिर्फ दुकानदारों के साथ मारपीट की, बल्कि कई दुकानों में तोड़फोड़ भी की। इतना ही नहीं, मेले में लगे जनरेटर का तार कटवा देने से पूरा परिसर अंधेरे में डूब गया, जिससे वहां मौजूद महिलाएं और बच्चे घबरा गए।समिति के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस कर्मियों ने थानाध्यक्ष की अगुवाई मे दुकानदारों, मेलार्थी पुरुष व महिलाओ के साथ अभद्रता भी की है,

दुकानदारों का कहना है कि जब उन्होंने अगले दिन तक अनुमति होने की बात कही, तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकाया। इस दौरान एएसआई और अन्य सिपाहियों द्वारा भी सख्ती दिखाई गई।



घटना की जानकारी मिलते ही आयोजन समिति और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पुलिस टीम वहां से जा चुकी थी। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं, ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई से आस्था को ठेस पहुंची है।




समिति के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित थानाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने मांग की है।साथ ही सनातनी परंपरा को ठेस पहुंचाने वाली इस घटना की मुख्यमंत्री, डीजीपी, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन, उप महानिरीक्षक आजमगढ़ को रजिस्टर्ड पत्र व ट्यूट के माध्यम से सूचित किया है।