बलिया जिला प्रशासन का दोहरा चरित्र आया सामने : गैर इरातन हत्या के मामले मे हॉस्पिटल संचालक को पीटते हुए लिया हिरासत मे, हत्या के आरोपियों को छुआ तक नही
अपूर्वा नर्सिंग होम के संचालक समेत 5 डक्टरों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज ,गिरफ्तारी कब
बलिया।।जनपद के चर्चित अपूर्वा नर्सिंग होम में लेजर विधि से पथरी का ऑपरेशन कराने आई महिला का डक्टरों ने ओपन सर्जरी कर दी, जिसमे महिला की मौत हो गयी। महिला की मौत के बाद परिजनों ने जम कर हंगामा काटा।परिजनों की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने 5 डक्टरों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है लेकिन राजनीतिक प्रभाव में अब तक गिरफ्तारी नही हुई । वही यही कोतवाली पुलिस है जो पिछले 13 मार्च को पूर्वांचल हॉस्पिटल मे मऊ के लिये रेफर महिला की मौत (इस अस्पताल मे प्रसव से दो मृत बच्चियां पैदा हुई थी ) के बाद परिजनों द्वारा हंगामा करने पर प्रबंधक को पीटते हुए कोतवाली ले गयी थी जबकि मुकदमा गैर इरादतन हत्या मे दर्ज था, जिसमे गिरफ्तारी नही हो सकती थी। लेकिन अपूर्वा हॉस्पिटल वाले केस मे मुकदमा हत्या का दर्ज हुआ है और इसमें तुरंत गिरफ्तारी है लेकिन सामने आरोपी चिकित्सकों के होने के बाद बलिया पुलिस उनके सम्मान मे हिरासत मे लेना तो दूर उनको डांटती हुई भी नजर नही आयी। अब यही बलिया पुलिस कह रही है कि गिरफ्तारी के लिये दबिश दे रहे है।
सीएमओ कार्यालय की नवागत तेजतर्रार डिप्टी सीएमओ डॉ मंजू उपाध्याय की भी सारी तेजी इस हॉस्पिटल की जांच मे गायब हो गयी है। यहां मात्र ओटी सील कर मैडम ने अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर लिया गया।
बताते चले कि 22 मार्च को दिन में 2 बजे के लगभग अनिशा पांडे 24 वर्ष निवासी देवकली थाना सुखपुरा अपने परिजनों के साथ अपूर्वा नर्सिंग होम में पथरी का ऑपरेशन लेजर विधि से कराने पहुँची , जिसका 6माह पहले सीजेरियन आपरेशन से बच्चा पैदा हुआ था ।अपूर्वा नर्सिंग होम के काउंटर पर परिजनों ने 50,000 रुपये जमा किये और इसके बाद अनिशा पांडे को डॉ0 ज्योत्स्ना सिंह ,डॉ0 अपूर्वा सिंह ,डॉ0 दीपक सिंह, डॉ0 संजय सिंह एवं डाक्टर रोहन गुप्ता आपरेशन थियेटर में लेकर चले गए ।
कुछ देर बाद डाक्टर ज्योत्स्ना सिंह बाहर आई और परिजनों से बोली कि अनिशा को तत्काल मेदांता हास्पिटल ले जाये स्थिति ठीक नही है । मौके पर मौजूद परिजनों ने जाकर देखा तो अनिशा का ओपन आपरेशन किया गया था और उसकी मौत हो चुकी थी लेकिन डाक्टर ज्योत्स्ना द्वारा बरगलाने का प्रयास किया जा रहा था ।
परिजनों के हंगामे के बाद मौके पर पहुची पुलिस टीम और जिला प्रशासन के लोगो द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ।वही परिजनों के तहरीर के आधार पर डॉ0 ज्योत्स्ना सिंह ,डॉ0 अपूर्वा सिंह,डॉ0 दीपक सिंह ,डॉ0 संजय सिंह एवं डॉ0 रोहन गुप्ता के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया ।जब कि मौके पर मौजूद किसी भी डाक्टर की गिरफ्तारी नही हुई । वही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हास्पिटल के ओटी को सील कर दिया ।अन्य मरीजो के हास्पिटल में होने की दशा में नर्सिंग होम को सील नही किया जा सका ।
अब सबसे बड़ा सवाल है कि लेजर विधि से ऑपरेशन की फीस जमा कराने वाले डॉक्टो द्वारा ओपन आपरेशन कर एक दुधमुँहे बच्चे से माँ का साया छिनने वाले डक्टरों कि गिरफ्तारी क्यो नही हुई और किसके इसारे पर ।क्या बलिया में कत्ल गाह के रूप में चल रहे निजी हॉस्पिटलों के पीछे किसी बड़े सफेद पोस का संरक्षण तो नही ।











