फर्जी आईएएस का जाल: 25 शादियों का दावा, पैरालाइज्ड पिता की बेटी को बनाया शिकार, गोवा में बेचने की थी साजिश
फर्जी आईएएस प्रीतम कुमार की फाइल फोटो
गोरखपुर।गोरखपुर में सामने आए फर्जी आईएएस कांड ने एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में अब रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पीड़ित पिता, जो खुद पिछले कुछ वर्षों से पैरालिसिस का शिकार हैं और बिस्तर पर ही जिंदगी गुजार रहे हैं, टूटे हुए स्वर में कहते हैं—“एक नहीं, उसने 25 शादियां की हैं। हम लोगों को कहीं का नहीं छोड़ा। मेरी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी।”
अपनी बात बताते हुए वह कहते हैं कि परिवार पहले ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था। तीन बेटियों और एक बेटे के बीच जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने दो बेटियों की शादी कर दी थी, लेकिन तभी अचानक बीमारी ने उन्हें जकड़ लिया। शरीर का आधा हिस्सा काम करना बंद कर चुका था। ऐसे में छोटी बेटी की शादी उनके लिए सबसे बड़ी चिंता बन गई। बेटी पढ़ी-लिखी थी, स्नातक कर चुकी थी, इसलिए वे उसके लिए एक अच्छे घर की तलाश में थे।
इसी दौरान दिल्ली में रहने वाली उनकी बड़ी बेटी ने एक समाज से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुप का जिक्र किया, जहां अपने ही समुदाय के लोग जुड़े हुए थे। उसी ग्रुप में एक युवक की प्रोफाइल सामने आई। प्रोफाइल में लिखा था कि युवक इटावा का रहने वाला है, नाम प्रीतम कुमार निषाद है, उम्र करीब 32 वर्ष है और वह मनिकपुर में एसडीएम पद पर तैनात है। सबसे बड़ी बात यह बताई गई कि उसे दहेज की कोई जरूरत नहीं है, बस एक अच्छी लड़की चाहिए।
परिवार को लगा कि इससे बेहतर रिश्ता मिलना मुश्किल है। बड़ी बेटी ने युवक से बातचीत शुरू की और फिर पिता से भी मोबाइल पर बात कराई गई। बातचीत में युवक बेहद सलीकेदार और आत्मविश्वासी लगा। कुछ ही दिनों में विश्वास का माहौल बन गया।
दिसंबर 2025 में वह गोरखपुर आया और परिवार से मिला। आमने-सामने की मुलाकात में भी उसने खुद को पूरी तरह एक सरकारी अधिकारी की तरह पेश किया। बातचीत, हाव-भाव और व्यवहार से किसी को शक नहीं हुआ। उसने लड़की को देखा और तुरंत शादी के लिए हामी भर दी। परिवार को लगा कि उनकी बेटी की किस्मत खुल गई है।
रिश्ता तय हुआ और आगे की तैयारियां शुरू हो गईं। शुरुआत में युवक ने दहेज न लेने की बात कही, लेकिन शादी से पहले उसने खर्च का हवाला देकर 15 लाख रुपये की मांग रख दी। परिवार पहले ही भावनात्मक रूप से जुड़ चुका था, इसलिए मना नहीं कर सका। सगाई के समय 10 लाख रुपये दिए गए और बाकी 5 लाख रुपये शादी के दौरान दे दिए गए। शादी की तैयारियों में कुल मिलाकर लगभग 30 लाख रुपये खर्च कर दिए गए।
11 मार्च 2026 को गोरखपुर के नंदानगर इलाके में स्थित एक मैरिज लॉन में धूमधाम से शादी हुई। बारातियों के स्वागत से लेकर ठहरने तक हर व्यवस्था बड़े स्तर पर की गई। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर टिक नहीं सकी।
शादी के अगले ही दिन एक व्यक्ति ने परिवार को जानकारी दी कि दूल्हा आईएएस नहीं है, बल्कि फर्जी पहचान के जरिए लोगों को ठगने वाला व्यक्ति है। यह सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। बिना समय गंवाए परिजन इटावा पहुंचे, जहां आरोपी ने अपने रहने का पता बताया था।
वहां पहुंचकर जो सच्चाई सामने आई, उसने पूरे मामले को और भी भयावह बना दिया। उनकी बेटी एक छोटे से कमरे में मिली, जबकि आरोपी और उसके परिवार के लोग उन्हें देखते ही फरार हो चुके थे। बेटी को सुरक्षित वापस लाया गया, लेकिन उसके बयान ने इस घटना को साधारण धोखाधड़ी से कहीं आगे पहुंचा दिया।
युवती ने बताया कि शादी के बाद आरोपी उसे गोवा ले जाने की योजना बना रहा था और रास्ते में ही उसे बेचने की बात कर रहा था। यह सुनकर परिवार सन्न रह गया। उन्हें एहसास हुआ कि अगर थोड़ी भी देर हो जाती, तो उनकी बेटी का पता लगाना भी मुश्किल हो सकता था।
पीड़ित पिता का आरोप है कि यह व्यक्ति सिर्फ एक धोखेबाज नहीं, बल्कि एक संगठित अपराधी है। उनका कहना है कि अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार वह कई शादियां कर चुका है और हर बार इसी तरह लोगों को झांसा देता है। उन्हें शक है कि इसके पीछे एक बड़ा गिरोह भी हो सकता है, जो फर्जी पहचान के सहारे शादी और मानव तस्करी जैसे अपराधों को अंजाम देता है।
परिवार ने गोरखपुर के कैंट थाने में आरोपी और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और सच्चाई के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हो रहे रिश्तों में कितनी सावधानी बरतनी जरूरी है। एक छोटी सी चूक किसी परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन सकती है।


