प्रकृति एवं संस्कृति के साथ समायोजन ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्य -प्रो कामेश्वर नाथ सिंह
डॉ सुनील कुमार ओझा की रिपोर्ट
बलिया।। प्रकृति एवं संस्कृति के साथ समायोजन ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्य है।शिक्षाशास्त्र विभाग, श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलिया एवं महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ विश्वविद्यालय, बड़ौदा गुजरात के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षकों हेतु आयोजित NEP 2020 अभिविन्यास एवं संवेदीकरण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उक्त बातें दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय,गया के कुलपति प्रो कामेश्वरनाथ सिंह जी ने कहीं। उन्होंने ने भारतीय ज्ञान परंपरा से लेकर जैक्स डेलर रिपोर्ट के आलोक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निहित प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित ८ दिवसीय अभिविन्यास एवं संवेदीकरण कार्यक्रम की अध्यक्षता जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संजीत कुमार गुप्ता जी ने किया। इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में निहित प्रावधनों , संवैधानिक मूल्यों,भारतीय ज्ञान परंपरा पर प्रकाश डालते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं दी ।
मदन मोहन मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण' महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ विश्वविद्यालय , बड़ौदा के निदेशक प्रो आशुतोष बिस्वाल जी ने विश्वविद्यालय के इतिहास, वर्तमान स्वरुप से अवगत करते हुए समस्त प्रतिभागियों का स्वागत किया।
श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो दयालानन्द रॉय जी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए शुभकामना सन्देश दिया।
प्रथम सत्र में प्रो सुनील कुमार सिंह जी, शिक्षा संकाय , काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निहित प्रावधान, उद्देश्य को समग्र दृष्टि से प्रतिभागियों को सांस्कृतिक एवं ज्ञान परम्परा के आलोक में विस्तार से समझाया एवं उनके शंका का समाधान किया।
द्वितीय सत्र में प्रो प्रवीण कुमार तिवारी जी, शिक्षा संकाय ,दिल्ली विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को विस्तार से धर्म का मूल,पंचकोश ,विद्या -अविद्या ,वेद, भाष्य ,वेदांग एवं व्याकरण एवं ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में विस्तार से परिचर्चा करते हुए प्रतिभागियों के शंका का संधान किया।
इस कार्यक्रम में 100 से अधिक शिक्षकों ने प्रतिभाग किया,धन्यवाद ज्ञापन डॉ संतोष शुक्ला एवं डॉ मंजीत सिंह ने किया ,इस कार्यक्रम के संयोजक शिक्षाशास्त्र के विभागाध्यक्ष ज्ञानेंद्र नाथ सिंह थे।






