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आबकारी अधिकारी पर शराब व्यवसायी ने लगाया गंभीर आरोप, जिलाधिकारी से की है लिखित शिकायत





शराब कारोबारी मामले में आया नया मोड़

 बलिया।। पिछले दिनों आबकारी विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम के द्वारा शराब व्यवसायी के किराये पर चलने वाले घर पर छापेमारी के दौरान 8पीएम ब्रांड के टेट्रा पैक की खाली रिफिल पाउच दो बैग के अंदर बरामद की गई थी। 11 मई के इस प्रकरण में प्रशासन के द्वारा विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर शराब कारोबारी छितेश्वर जायसवाल को जेल भेज दिया गया था।



अब इस पूरे मामले में एक नया मोड़ निकल कर सामने आया है।शराब कारोबारी छीतेश्वर जायसवाल बेल पर बाहर आते ही पुलिस प्रशासन का काम स्वयं करने लगे।सीसीटीवी फुटेज खंघालना शुरू कर दिया। इनको सतनी सराय पुलिस चौकी द्वारा लगाये गये सीसीटीवी मे वो सबूत दिख गया जो इनको निर्दोष साबित कर देगा। सबूत कों हासिल करने या जांच अधिकारी कों अविलम्ब सौपने के लिये पुलिस अधीक्षक तक से छितेश्वर जायसवाल ने गुहार लगायी है।



वही प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मीडिया से छितेश्वर जायसवाल ने बताया कि मैं जेल से बाहर आते ही अपने घर के आसपास मौजूद सभी सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया।मुझे कदम चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में उसे दिन का सारा फोटो वीडियो दिख गया।तस्वीर देख कर मै हक्का-बक्का रह गया।


 शराब कारोबारी ने बताया कि जो सीसीटीवी फुटेज मुझे दिखाया गया था उसमें साफ तौर पर दिखाई देता है कि 11मई 2024 को सुबह लगभग 9:30 बजे एक फोर व्हिलर आकर मेरे दरवाजे पर रूकती है।जिसमें से एक व्यक्ति पिट्ठू बैग पीठ पर लिए बाहर निकलता है, उसी समय एक  मोटरसाइकिल भी मेरे दरवाजे पर आकर रूकती है जिसमें पीछे बैठा व्यक्ति भी एक पिट्ठू बैग लिए सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दे रहा है।वह दोनों लोग मेरे घर के अंदर चले जाते हैं जहां से वापस आते समय उनके पीठ पर पिट्ठू बैग नहीं रहता है।


 शराब कारोबारी ने  बताया कि गाड़ी प्रशासनिक अधिकारी की गाड़ी थी।शराब कारोबारी के द्वारा जिला आबकारी अधिकारी पर आरोप भी लगाया गया है।

आबकारी अधिकारी पर क्यों लग रहा है आरोप 

शराब कारोबारी छितेश्वर जायसवाल द्वारा जो आरोप आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षकों पर लगाये जा रहे है, उसके लिये जो कारण बताये है, उनकी जांच तो होनी ही चाहिये। आरोप लगाया कि साजिशन मेरे उस मकान मे दो व्यक्तियों से दो बैग रखवाया गया, जहां सिर्फ किरायेदार रहते है और पूरी तरह से खुला है। साथ ही यह भी जांच होनी चाहिये कि बैग रख कर रखने वाले चले गये, तो आबकारी अधिकारी कों तुरंत खबर कैसे मिल गयी और आनन फानन मे छापेमारी करा दिये।

छितेश्वर जायसवाल ने कहा कि मेरे साथ यह साजिश तब की गयी ज़ब मैने 2 मई कों जिलाधिकारी महोदय कों आबकारी अधिकारी के द्वारा अवैध वसूली का दबाव बनाने की लिखित शिकायत की गयी। अब सवाल यह उठता है कि ज़ब आरोप लगा है तो जांच जिलाधिकारी महोदय कों करानी चाहिये, जिससे सच क्या है, दुनिया के सामने आ सके।