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बलिया के महिला अस्पताल की व्यवस्था से क्षुब्ध होकर बोले विधायक बैरिया : राक्षस है या शैतान डॉ प्रियंका ? उच्चाधिकारियों से करूंगा शिकायत

बलिया के महिला अस्पताल की व्यवस्था से क्षुब्ध होकर बोले विधायक बैरिया : राक्षस है या शैतान डॉ प्रियंका ? उच्चाधिकारियों से करूंगा शिकायत
मधुसूदन सिंह


बलिया  11 जुलाई 2019 ।। अस्पताल को देवालय और चिकित्सको को जीवन बचाने के कारण आमजन में भगवान का दर्जा दिया जाता है । सरकारी अस्पतालों में देश की अधिसंख्य गरीब जनता ही इलाज कराने आती है । चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें सभी इन्ही अधिसंख्य गरीब जनता को ध्यान में रखकर अस्पतालों मे जांच , दवा और इलाज सभी को मुफ्त की हुई है । धनवान तो अपना इलाज प्राइवेट अस्पतालों में कराते है । ऐसे में अगर सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक सेवाभाव और इंसानियत को तिलांजलि देकर गरीब का इलाज करने की बजाय उसे बाहर रेफर करने लगे तो उसको क्या कहेंगे देव या दांव ? इंसान या राक्षस ? जब किसी गरीब के लिये सत्ताधारी दल के विधायक को भी डीएम और सीएमओ से शिकायत इलाज करने के लिये करनी पड़े तो समझ जाइये अस्पताल की व्यवस्था कितनी चाक चौबंद है ?


जीहां , ऐसी ही घटना घटी है बलिया जनपद के महिला अस्पताल में । जहां मंगलवार की देर शाम नेहा नामक (एक रिक्शा चालक की बहू ) एक महिला 6 माह के गर्भ के खराब हो जाने के बाद महिला अस्पताल आयी थी । तत्कालीन स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा भर्ती कर के प्राथमिक उपचार भी शुरू कर दिया गया, लेकिन जब ड्यूटीरत चिकित्सक डॉ प्रियंका मरीज को देखने आयी तो देखते ही बोली इसको यहां से ले जाओ , मै रेफर कर रही हूं । मरीज की गरीब सास बोली डॉक्टर साहिबा रहम कीजिये , हम लोग बाहर ले जाने में लाचार है , यही इलाज करके मेरी बहू को बचा लीजिये । जब डॉक्टर किसी भी तरह से नही मानी तो इन लोगो ने अपने विधायक सुरेंद्र सिंह से रोकर अपना दुखड़ा सुनाया । गरीब की पीड़ा को समझते हुए श्री सिंह ने तुरंत डीएम और सीएमओ को इसकी सूचना देकर तत्काल इलाज शुरू कराने की मांग की । उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से मरीज का इलाज हुआ और आज वो स्वस्थ है और अस्पताल में भर्ती है । इसी नेहा नाम के मरीज को देखने बुधवार को बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह महिला अस्पताल पहुंचे । इसी दौरान बलिया एक्सप्रेस  से भेंट में उन्होंने महिला चिकित्सक प्रियंका  को शैतान और राक्षस तक कह डाला । कहा कि जिस डॉक्टर के मन मे इंसानियत नही है , जिनके दिल मे गरीबो के प्रति पीड़ा नही है , उसने डॉक्टरी जरूर पढ़ ली है , पर वह डॉक्टर नही शैतान है , राक्षस है ।श्री सिंह ने कहा कि बलिया के सरकारी अस्पताल के अधिसंख्य डॉक्टर  सेवा भाव , इंसानियत  को भूलकर शैतान और राक्षस की तरह गरीब मरीजो से व्यवहार कर रहे है । कहा कि बलिया मुख्यालय के दोनों अस्पतालों से तो अच्छा हमारे क्षेत्र की सोनबरसा और बैरिया की सीएचसी है । कहा सरकारी अस्पतालों में तो गरीब ही इलाज कराने आते है , अगर यहां उनका ही इलाज नही होगा तो किसका होगा ? कहा शिक्षा स्वास्थ्य और सुरक्षा , यह तीन चीजे देनी सरकार की जिम्मेदारी है , हमारी सरकार इसको मुहैय्या करा भी रही है , पर अगर अस्पतालों में राक्षसी और शैतानी प्रवृति के डॉक्टर होंगे तो जनता को सुविधा मिलने में कठिनाई होगी । ऐसे ही चिकित्सको के कारण हमारी सरकार को जितना यश मिलना चाहिये वो नही मिल पा रहा है । श्री सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया कि आइये सभी लोग मिलकर बलिया मुख्यालय के इन दोनों अस्पतालों की दुर्व्यवस्था को दूर कर बिना तकलीफ के गरीबो को स्वास्थ्य सुविधाये मिले , प्रयास किया जाय ।
बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह के बयान :




पीड़ित महिला (मरीज नेहा की सास) का बयान :