Breaking News

देवरिया : जरा इधर भी ध्यान दें साहबान , यह है कृषि मंत्री के क्षेत्र का खाद गोदाम ,वर्षो से बंद पड़ा है खाद गोदाम,जर्जर भवन बना अब बकरियों और जुआरियों का डेरा

जरा इधर भी ध्यान दें साहबान , यह है कृषि मंत्री के क्षेत्र का खाद गोदाम ,वर्षो से बंद पड़ा है खाद गोदाम,जर्जर भवन बना अब बकरियों और जुआरियों  का डेरा
कुलदीपक पाठक


 देवरिया 8 जुलाई 2019 ।। जनपद के विधानसभा  पथरदेवा का एक  गांव है सखनी जहां किसानो के लिए बना खाद गोदाम है जो कई वर्षो बन्द पड़ा हुआ है और जर्जर हो चुका है। कभी खाद और किसानों के आने जाने से गुलजार रहने वाला या गोदाम जर्जर अवस्था में पड़ा हुआ है जहां ना तो किसान आते हैं और ना ही कर्मचारी और यहां कोई खाद बीज किसानो के लिए उपलब्ध नहीं होता है । इस क्षेत्र के किसान दूसरे जगह जाने को मजबूर होते है मगर आज तक इसका न नवीनकरण हुआ और न ही इसपर किसी भी जिम्मेदार का ध्यान गया । बतादे की यह गोदाम भटनी सहकारी गन्ना विकास  समिति सयंत जनपद देवरिया के नाम से मनोनीत है जो ग्राम सभा सखनी में बना है जिसका शिलान्यास  स्व बाबा रामबढ़ायी दास के कर कमलो द्वारा किया गया था । जिसके राघव सिंह अध्यक्ष एवं सुरेंद्र नाथ मिश्र संचालक रहे । उस समय यहाँ के किसानो को उचित मूल्य पर खाद मिला करता था परन्तु आज इस भवन की दयनीय दशा हो गई है की यहा अब कुछ नहीं मिलता जिससे किसान अन्यत्र  खाद गोदाम की लाईन में लगने में  मजबूर रहते है । यहां के किसानों का कहना है कि पथरदेवा के विधायक सूर्य प्रताप शाही जब किसी मंत्री बने तो लोगों के दिलों में एक आस जगी की एक बार फिर या खाद गोदाम संचालित होगा और हमें दूर नहीं जाना पड़ेगा लेकिन इसे मंत्री जी की अनदेखी कहें या प्रशासन की उदासीनता आज भी गोदाम जर्जर स्थिति में पड़ा हुआ है । जो आज के समय में बेसहारा पशुओं, बकरियों और जुआरियों का अड्डा बना हुआ है लेकिन इस पर कोई जिम्मेदार ध्यान नहीं देता है । गांव के लोगों का कहना है कि अगर खाद गोदाम फिर से शुरू हो जाए तो हमारी आधी दिक्कतें दूर हो जाएंगे दूसरे जगह गोदामों पर जाकर लाइन लगाने से निजात मिलेगी और समय से हम लोग खाद बीज लेकर खेती कर सकेंगे । किसानों का कहना है कि दूसरे गोदामों पर जाते जाते हैं वहां खाद खत्म हो जाती है तो बैरक वापस लौट कर आना पड़ता है। आपको बता दें कि यह खाद गोदाम बंद होने से यहां के आसपास के लोगों को भेलीपट्टी पथरदेवा ,पकहा आदि जगहों पर किसान खाद बीज लेने के लिए जाते हैं ‌। देखना अब यह है कि  तक जिम्मेदार की नजर पड़ती है और सखनी गांव में  कब कृपा बरसती है और कब खाद का गोदाम शुरू होता है।