बलिया : खंड शिक्षा अधिकारी की कारिस्तानी , चुनाव तक प्राथमिक विद्यालय का निर्माण सवालों के घेरे में , जेसीबी से बैठकर सही कमरों को भी गिरवाने का प्रकरण
खंड शिक्षा अधिकारी की कारिस्तानी , चुनाव तक प्राथमिक विद्यालय का निर्माण सवालों के घेरे में , जेसीबी से बैठकर सही कमरों को भी गिरवाने का प्रकरण
मधुसूदन सिंह /डॉ सुनील ओझा
बलिया 18 अप्रैल 2019 ।। शिक्षा क्षेत्र बेलहरी अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय बाबुबेल के ढहाये गये भवन का निर्माण कार्य चुनाव के दिन तक पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। बता दे कि सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बेलहरी द्वारा दो जर्जर कमरे के निर्माण कार्य के लिए 7.44लाख रुपये खाते में 6मार्च को ही आ जाने के वावजूद निर्माण कार्य शुरू नही कराया गया। इनके द्वारा अप्रैल माह में जे सी बी लगाकर दो अच्छे भवन को भी तोड़वा दिया गया।नये भवन प्रभारी अवनीश कुमार की नियुक्ति भी कर दिया गया।इसी बीच जे सी बी से जर्जर भवन के साथ साथ अच्छे भवन को भी तोड़ने का मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुँच गया।अपने को फसता देख सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी व भवन प्रभारी द्वारा अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा कर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की गई।लेकिन उच्चाधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों से जानकारी लिया गया।जिसमें सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी व भवन प्रभारी का कूट रचित मामला सामने आया।अब भवन प्रभारी द्वारा भवन निर्माण कराने से इनकार कर दिया गया।उच्चाधिकारियों द्वारा चुनाव से पहले भवन निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान को सौंपा गया है।ग्राम प्रधान ने निर्माण कार्य शुरू भी करा दिया है लेकिन नया भवन प्रभारी नही नियुक्त होने से वित्तीय संकट सामने आ रहा है ।ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी/निर्वाचन अधिकारी सहित बेसिक शिक्षा अधिकारी बलिया का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल प्रभाव से भवन प्रभारी नियुक्त करने का आग्रह किया है ताकि चुनाव पूर्व भवन निर्माण कार्य पूरा हो सके।
भवन प्रभारी नियुक्त करने में भी एसडीआई ने किया खेल
बता दे कि नया भवन प्रभारी अवनीश कुमार को बनाने में खण्ड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सोनकर ने सारे नियम कानूनों को ताक पर रख दिया था । 1 फरवरी 2019 को ही तत्कालीन प्रधानाचार्य / भवन प्रभारी पंकज श्रीवास्तव निलंबित हो चुके थे लेकिन उनसे चार्ज भवन गिराये जाने के दो तीन दिन पहले ही नये भवन प्रभारी अवनीश कुमार ने चार्ज लिया था । अवनीश कुमार को यह दायित्व भी नियमो के खिलाफ दिया गया था क्योंकि अवनीश कुमार की सर्विस अभी एक वर्ष की भी नही हुई है । ऐसे में इनको चार्ज देना कही साजिश का हिस्सा तो नही था ?
भवन गिराने और बनाने की न तो विद्यालय प्रबन्ध समिति से ली गयी अनुमति , न ही खुला खाता
सब से हैरान करने वाली बात यह रही कि जर्जर भवनों को गिराने और उनकी जगह पर नये भवन बनाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी बेलहरी नरेंद्र सोनकर ने न तो विद्यालय प्रबन्ध समिति से अनुमति लेनी ही जरूरी समझी , न ही निर्माण सम्बन्धी खर्च करने के लिये खाता ही खुलवाया । ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या एसडीआई की नजर में विद्यालय प्रबन्ध समिति का कोई महत्व नही ? खाता न खुलने से निर्माण कार्य प्रभावित होने की बात ग्राम प्रधान द्वारा जिलाधिकारी , बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत उच्चाधिकारियों को पहले ही पत्र भेजकर बतायी जा चुकी है ।
एसडीआई कैसे बैठकर भवन गिरवा रहे है उसकी वीडियो देखिये --
मधुसूदन सिंह /डॉ सुनील ओझा
बलिया 18 अप्रैल 2019 ।। शिक्षा क्षेत्र बेलहरी अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय बाबुबेल के ढहाये गये भवन का निर्माण कार्य चुनाव के दिन तक पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। बता दे कि सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बेलहरी द्वारा दो जर्जर कमरे के निर्माण कार्य के लिए 7.44लाख रुपये खाते में 6मार्च को ही आ जाने के वावजूद निर्माण कार्य शुरू नही कराया गया। इनके द्वारा अप्रैल माह में जे सी बी लगाकर दो अच्छे भवन को भी तोड़वा दिया गया।नये भवन प्रभारी अवनीश कुमार की नियुक्ति भी कर दिया गया।इसी बीच जे सी बी से जर्जर भवन के साथ साथ अच्छे भवन को भी तोड़ने का मामला उच्चाधिकारियों के पास पहुँच गया।अपने को फसता देख सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी व भवन प्रभारी द्वारा अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा कर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की गई।लेकिन उच्चाधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों से जानकारी लिया गया।जिसमें सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी व भवन प्रभारी का कूट रचित मामला सामने आया।अब भवन प्रभारी द्वारा भवन निर्माण कराने से इनकार कर दिया गया।उच्चाधिकारियों द्वारा चुनाव से पहले भवन निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान को सौंपा गया है।ग्राम प्रधान ने निर्माण कार्य शुरू भी करा दिया है लेकिन नया भवन प्रभारी नही नियुक्त होने से वित्तीय संकट सामने आ रहा है ।ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी/निर्वाचन अधिकारी सहित बेसिक शिक्षा अधिकारी बलिया का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल प्रभाव से भवन प्रभारी नियुक्त करने का आग्रह किया है ताकि चुनाव पूर्व भवन निर्माण कार्य पूरा हो सके।
भवन प्रभारी नियुक्त करने में भी एसडीआई ने किया खेल
बता दे कि नया भवन प्रभारी अवनीश कुमार को बनाने में खण्ड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सोनकर ने सारे नियम कानूनों को ताक पर रख दिया था । 1 फरवरी 2019 को ही तत्कालीन प्रधानाचार्य / भवन प्रभारी पंकज श्रीवास्तव निलंबित हो चुके थे लेकिन उनसे चार्ज भवन गिराये जाने के दो तीन दिन पहले ही नये भवन प्रभारी अवनीश कुमार ने चार्ज लिया था । अवनीश कुमार को यह दायित्व भी नियमो के खिलाफ दिया गया था क्योंकि अवनीश कुमार की सर्विस अभी एक वर्ष की भी नही हुई है । ऐसे में इनको चार्ज देना कही साजिश का हिस्सा तो नही था ?
भवन गिराने और बनाने की न तो विद्यालय प्रबन्ध समिति से ली गयी अनुमति , न ही खुला खाता
सब से हैरान करने वाली बात यह रही कि जर्जर भवनों को गिराने और उनकी जगह पर नये भवन बनाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी बेलहरी नरेंद्र सोनकर ने न तो विद्यालय प्रबन्ध समिति से अनुमति लेनी ही जरूरी समझी , न ही निर्माण सम्बन्धी खर्च करने के लिये खाता ही खुलवाया । ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या एसडीआई की नजर में विद्यालय प्रबन्ध समिति का कोई महत्व नही ? खाता न खुलने से निर्माण कार्य प्रभावित होने की बात ग्राम प्रधान द्वारा जिलाधिकारी , बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत उच्चाधिकारियों को पहले ही पत्र भेजकर बतायी जा चुकी है ।
एसडीआई कैसे बैठकर भवन गिरवा रहे है उसकी वीडियो देखिये --



