बलिया से बड़ी खबर : तत्कालीन भाजपा बसपा गठबंधन की माया सरकार को गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह एक बार फिर एक्शन मोड में , फिर अपनी ही सरकार में डीएम बलिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की एसपी को दी तहरीर
बलिया से बड़ी खबर : तत्कालीन भाजपा बसपा गठबंधन की माया सरकार को गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह एक बार फिर एक्शन मोड में , फिर अपनी ही सरकार में डीएम बलिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की एसपी को दी तहरीर
बलिया 10 अप्रैल 2019 ।।
भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से बनी तत्कालीन मायावती सरकार (2003) में अपने दलित भाजपा कार्यकर्त्ता ओमप्रकाश राम की जमीन को तत्कालीन बसपा विधायक घुराराम द्वारा किये गये कब्जा से मुक्त कराने के लिये किये गये आंदोलन से बौखलायी तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती द्वारा बलिया की जन सभा मे रामइकबाल सिंह पर पोटा लगाने की मंच से घोषणा के बाद रामइकबाल सिंह ने वो आंदोलन शुरू किया कि गठबंधन से सरकार चलाने वाली मायावती को पदच्युत होना पड़ा था । जिसका मायावती ने लखनऊ की रैली में जिक्र करके गठबंधन टूटने के कारणों में एक बताया था । बसपा सुप्रीमो मायावती को सबसे पहले गरीब की नही दौलत की बेटी कहने वाले पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह एक बार फिर से एक कार्यकर्त्ता के लिये ही इतिहास दोहराने के मुकाम पर खड़े हो गये है । पिछली बार अपनी सरकार के गिरने में मायावती ने राम इकबाल सिंह को भी प्रमुख कारण में से एक बताया था । संयोग ही है कि उस बार भी भाजपा गठबंधन के कारण सरकार में थी , तो इस बार अपने बलबूते सरकार चला रही है । ऐसे में अपनी ही सरकार में भाजपा के कार्यकर्त्ता विनोद तिवारी को न्याय दिलाने के लिये पूर्व विधायक ने डीएम बलिया भवानी सिंह खंगरौता के खिलाफ आरपार की लड़ाई शुरू कर दी है । आज अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत श्री सिंह , भाजपा कार्यकर्त्ता विनोद तिवारी के पिता के साथ पुलिस अधीक्षक बलिया देवेन्द्र नाथ को डीएम बलिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की ।
पूर्व विधायक के उग्र तेवरों को देखते हुए डीएम बलिया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्यो कि भाजपा कार्यकर्त्ता विनोद तिवारी के साथ डीएम बलिया द्वारा अपने चेम्बर में की गई मारपीट और बाद में फर्जी मुकदमे के आधार पर जेल भेजवाने की कार्यवाई को श्री सिंह ने तानाशाही कृत्य बताते हुए सीएम योगी से शिकायत करने की बात कह रहे है । रामइकबाल सिंह ने कहा कि यह अब साबित हो गया है कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रेणुका कुमार द्वारा डीएम बलिया भवानी सिंह खंगरौता को मेंटल कहना सही बात थी । श्री सिंह ने कहा कि राजस्थान के लोगो मे राणा प्रताप और पृथ्वी राज चौहान के चरित्र की अपेक्षा की जाती है जबकि डीएम बलिया ने इनके चरित्र के उलट काम किया है । जहां राणा प्रताप ने मान सिंह के द्वारा सिर झुका लेने पर जान बख्श दी थी , पृथ्वी राज चौहान ने जंग जीतने के बाद भी मुहम्मद गोरी को जिंदा छोड़ दिया था , उसी राजस्थान के होने के वावजूद जिलाधिकारी ने अपने घर बुलाकर विनोद तिवारी के साथ जो कृत्य किया है , वह निंदनीय और राजस्थान की मिट्टी को लज्जित कराने वाला है । कहा कि यह अन्याय के खिलाफ बिगुल फूंकने वालो की क्रांतिकारी धरती है , यहां जब अंग्रेजो के अत्याचार को सबसे पहले समाप्त कराया गया था तो यह तो एक तानाशाह जिलाधिकारी को हटाने मात्र का कार्य है । मेरा राजनीतिक इतिहास रहा है कि मैं भाजपा कार्यकर्त्ताओ के लिये कितनी भी बड़ी लड़ाई लड़नी पड़ी है , लड़ा हूं । श्री विनोद तिवारी के मामले में भी आंदोलन का शंखनाद हो चुका है । कहा कि इसके साथ ही एक लाख लोगों से हस्ताक्षर कराकर भारतीय संस्कृति सभ्यता और लोकतंत्र की हत्या करने वाले और भाजपा कार्यकर्त्ताओ को प्रताड़ित करने वाले डीएम बलिया के खिलाफ माननीय मुख्यमंत्री जी से नवरात्र बाद मिलकर शिकायत करूँगा और ऐसे मेंटल डीएम को तत्काल हटाने और गिरफ्तार कराने की मांग करूँगा ।
कहा कि मुझे बताया गया है कि डीएम बलिया ने विनोद तिवारी से पूर्व भी कई लोगो को अपमानित किया है।कहा कि यही नही जब कोई जनप्रतिनिधि डीएम को फोन करता है तो स्पीकर ऑन कर वहाँ बैठे लोगों को सुनाता है।विनोद तिवारी जब से राजनीति में है, तब से भाजपा से जुड़े रहे है और भाजपा कार्यकर्ता है। इनके मान सम्मान के लिये मैं अपने लहुँ का एक एक बूंद तक लगा दूंगा ।
बलिया 10 अप्रैल 2019 ।।
भारतीय जनता पार्टी के सहयोग से बनी तत्कालीन मायावती सरकार (2003) में अपने दलित भाजपा कार्यकर्त्ता ओमप्रकाश राम की जमीन को तत्कालीन बसपा विधायक घुराराम द्वारा किये गये कब्जा से मुक्त कराने के लिये किये गये आंदोलन से बौखलायी तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती द्वारा बलिया की जन सभा मे रामइकबाल सिंह पर पोटा लगाने की मंच से घोषणा के बाद रामइकबाल सिंह ने वो आंदोलन शुरू किया कि गठबंधन से सरकार चलाने वाली मायावती को पदच्युत होना पड़ा था । जिसका मायावती ने लखनऊ की रैली में जिक्र करके गठबंधन टूटने के कारणों में एक बताया था । बसपा सुप्रीमो मायावती को सबसे पहले गरीब की नही दौलत की बेटी कहने वाले पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह एक बार फिर से एक कार्यकर्त्ता के लिये ही इतिहास दोहराने के मुकाम पर खड़े हो गये है । पिछली बार अपनी सरकार के गिरने में मायावती ने राम इकबाल सिंह को भी प्रमुख कारण में से एक बताया था । संयोग ही है कि उस बार भी भाजपा गठबंधन के कारण सरकार में थी , तो इस बार अपने बलबूते सरकार चला रही है । ऐसे में अपनी ही सरकार में भाजपा के कार्यकर्त्ता विनोद तिवारी को न्याय दिलाने के लिये पूर्व विधायक ने डीएम बलिया भवानी सिंह खंगरौता के खिलाफ आरपार की लड़ाई शुरू कर दी है । आज अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत श्री सिंह , भाजपा कार्यकर्त्ता विनोद तिवारी के पिता के साथ पुलिस अधीक्षक बलिया देवेन्द्र नाथ को डीएम बलिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की ।
पूर्व विधायक के उग्र तेवरों को देखते हुए डीएम बलिया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्यो कि भाजपा कार्यकर्त्ता विनोद तिवारी के साथ डीएम बलिया द्वारा अपने चेम्बर में की गई मारपीट और बाद में फर्जी मुकदमे के आधार पर जेल भेजवाने की कार्यवाई को श्री सिंह ने तानाशाही कृत्य बताते हुए सीएम योगी से शिकायत करने की बात कह रहे है । रामइकबाल सिंह ने कहा कि यह अब साबित हो गया है कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रेणुका कुमार द्वारा डीएम बलिया भवानी सिंह खंगरौता को मेंटल कहना सही बात थी । श्री सिंह ने कहा कि राजस्थान के लोगो मे राणा प्रताप और पृथ्वी राज चौहान के चरित्र की अपेक्षा की जाती है जबकि डीएम बलिया ने इनके चरित्र के उलट काम किया है । जहां राणा प्रताप ने मान सिंह के द्वारा सिर झुका लेने पर जान बख्श दी थी , पृथ्वी राज चौहान ने जंग जीतने के बाद भी मुहम्मद गोरी को जिंदा छोड़ दिया था , उसी राजस्थान के होने के वावजूद जिलाधिकारी ने अपने घर बुलाकर विनोद तिवारी के साथ जो कृत्य किया है , वह निंदनीय और राजस्थान की मिट्टी को लज्जित कराने वाला है । कहा कि यह अन्याय के खिलाफ बिगुल फूंकने वालो की क्रांतिकारी धरती है , यहां जब अंग्रेजो के अत्याचार को सबसे पहले समाप्त कराया गया था तो यह तो एक तानाशाह जिलाधिकारी को हटाने मात्र का कार्य है । मेरा राजनीतिक इतिहास रहा है कि मैं भाजपा कार्यकर्त्ताओ के लिये कितनी भी बड़ी लड़ाई लड़नी पड़ी है , लड़ा हूं । श्री विनोद तिवारी के मामले में भी आंदोलन का शंखनाद हो चुका है । कहा कि इसके साथ ही एक लाख लोगों से हस्ताक्षर कराकर भारतीय संस्कृति सभ्यता और लोकतंत्र की हत्या करने वाले और भाजपा कार्यकर्त्ताओ को प्रताड़ित करने वाले डीएम बलिया के खिलाफ माननीय मुख्यमंत्री जी से नवरात्र बाद मिलकर शिकायत करूँगा और ऐसे मेंटल डीएम को तत्काल हटाने और गिरफ्तार कराने की मांग करूँगा ।
कहा कि मुझे बताया गया है कि डीएम बलिया ने विनोद तिवारी से पूर्व भी कई लोगो को अपमानित किया है।कहा कि यही नही जब कोई जनप्रतिनिधि डीएम को फोन करता है तो स्पीकर ऑन कर वहाँ बैठे लोगों को सुनाता है।विनोद तिवारी जब से राजनीति में है, तब से भाजपा से जुड़े रहे है और भाजपा कार्यकर्ता है। इनके मान सम्मान के लिये मैं अपने लहुँ का एक एक बूंद तक लगा दूंगा ।



