गरीब बच्चों का शिक्षा मे संबल बनता सारथी इंस्टिट्यूट,दे रहा है 120 बच्चों को निःशुल्क शिक्षा आवास व भोजन
टकरसन बलिया मे संचालित है यह इंस्टिट्यूट
अबतक 60 से अधिक बच्चों का करा चुका है NDA, सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय मे प्रवेश
मधुसूदन सिंह
बलिया।। एक तरफ जहां लोग विद्यालय पैसे कमाने के ध्येय से चला रहे है, वही एक व्यक्ति ऐसा है जो गरीबी की मार झेल रहे मेधावी छात्र छात्राओं को बिना पैसे लिये देश की सबसे प्रतिष्ठित विद्यालयों मे प्रवेश कराने मे लगा हुआ है। इस विद्यालय के संचालक 120 बच्चों को मुफ्त मे शिक्षा देने के साथ ही निःशुल्क भोजन व आवास की सुविधा भी दे रहे है। इस इंस्टिट्यूट का ध्येय वाक्य है -"हर बच्चे का सपना होगा पूरा, अब सारथी के साथ "।
इस सारथी इंस्टिट्यूट के संचालक मैनेजर वर्मा ने बताया कि कक्षा 6 व 9 के जो बच्चे सुबह मे पढ़ाई करते है, उनको निःशुल्क शिक्षा भोजन व आवास की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना मे कुल 120 बच्चों को शामिल किया गया है। इनको राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, ऑल इंडिया सैनिक स्कूल, यूपी सैनिक स्कूल, CHS, विद्याज्ञान, एवं नवोदय विद्यालयों मे प्रवेश के लिये तैयारी करायी जाती है।
वही सायं की कक्षा मे कक्षा 6,7,8,9 के छात्रों को NDA की तैयारी के साथ साथ इनकी शैक्षणिक कक्षाओं के कोर्स भी पढ़ाये जाते है। सायं की कक्षा मे पढ़ाई करने वालों को आवास व भोजन की सुविधा नही मिलती है। ये बच्चे पढ़ाई के बाद अपने अपने घर चले जाते है।
मेधावी गरीबों के सपनों को साकार करने का है प्रयास
संचालक मैनेजर वर्मा ने बताया कि NDA, मिलिट्री और सैनिक स्कूलों मे प्रवेश के लिये जो तैयारी करायी जाती है, उसका शुल्क 1 लाख से अधिक होता है, जो किसी भी गरीब बच्चे के लिये संभव नही है। कहा कि मैंने देखा कि गांव देहात मे बच्चे तो मेधावी है, वे चाहते है कि NDA, सैनिक स्कूल आदि मे प्रवेश हो जाये लेकिन समुचित मार्गदर्शन और महंगे कोचिंग का शुल्क भरने की हैसियत न होने से हताश हो जाते है। ऐसे ही मेधावियों के सपनों मे पंख लगाने के लिये ही मेरा यह छोटा सा प्रयास है। हम लोग इन बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं मे सफलता के लिये नई नई तकनिकियों का प्रयोग करके पढ़ाते है।
60 से अधिक बच्चों को मिल चुकी है सफलता
सारथी इंस्टिट्यूट ने अब तक 60 से अधिक छात्र छात्राओं को NDA, मिलिट्री स्कूल, नवोदय स्कूल, CHS, विद्याज्ञान आदि मे प्रवेश दिलाने मे सफलता हासिल की है। इस इंस्टिट्यूट के 4 बच्चे NDA की ट्रेनिंग ले रहे है। श्री वर्मा ने बताया कि 6 बच्चों से शुरू हुआ यह सफर अब सैकड़ो मे बदल गया है। कहा कि इस बार के घोषित लिखित परीक्षा के रिजल्ट मे 12 बच्चे सफल हुए है और साक्षात्कार देने जा रहे है। श्री वर्मा ने कहा कि मेरी सोच को हमारे मकान मालिक शत्रुघ्न वर्मा ने परवान चढ़ाया है। अगर श्री शत्रुघ्न वर्मा जी अपनी मकान नही दिये होते तो इतने व्यापक स्तर पर इंस्टिट्यूट का संचालन संभव नही था।
26 मार्च तक होगा प्रवेश परीक्षा के लिये पंजीकरणमैनेजर वर्मा की लगन व समर्पण देख कर मैंने दी है अपनी मकान
मकान मालिक शत्रुघ्न वर्मा ने कहा कि जब मै पहली बार मैनेजर वर्मा से मिला था और गरीब बच्चों को सफलता दिलाने की इनकी तमन्ना व समर्पण देखा था तो मैंने तय कर लिया कि इनका मनोबल बढ़ाने के लिये आगे आना पड़ेगा। मैंने निर्णय किया और इनको अपनी मकान मे इंस्टिट्यूट चलाने की अनुमति दे दी। कहा कि इनके यहां बढ रही संख्या को देखते हुए मै और कमरे बनाने की योजना पर काम कर रहा हूं।





