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बलिया की आन बान शान ,चन्द्रशेखर का नहीं सहेंगे अपमान : कान्ह जी


बलिया की आन बान शान ,चन्द्रशेखर का नहीं सहेंगे अपमान : कान्ह जी

बलिया 17 फरवरी 2020 ।। जिस चंद्रशेखर को आदर्श मानकर मेरे जैसे युवाओं ने राजनीति में कदम रखा था, उनका अपमान हम हरगिज नहीं।सहेंगे। हमारे जैसे हजारों लोग, जिन्होंने आदरणीय चंद्रशेखर की सरपरस्ती में रहकर राजनीति में कुछ हासिल किया, आज उनकी यादों को इस तरीके से सड़कों पर बिखरा देख कलेजा फट रहा है। जेहन में वही बगावती तेवर फड़फड़ा रहे हैं जिसके लिए बलिया की पहचान है। 
उक्त बाते टी०डी०कालेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं समाजवादी पार्टी के नेता सुशील पाण्डेय"कान्हजी"प्रेस को जारी अपने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के एक आदेश से समाजवाद के पुरोधा की स्मृतियों को फेंकवा दिया गया और उसे नेस्तोनाबूत करने के लिए अपमान जनक तरीके से तोड़ा गया यह माफी के लायक नहीं है।
 यह मान भी लिया जाय कि भू-माफियाओं के साथ मिलकर एक कागजी नोटिस जारी कर इसे तोड़ा गया, लेकिन इस कानूनी दाव-पेंच के सहारे हमारी भावनाओं को क्षत-विक्षत किया गया है। यह समूचे।जनपद का मानहानि का गुनाह बनता है। 
यह गुनाह करने वाली सत्ता को याद रखना चाहिए कि हमारा इतिहास बगावती तेवरों का रहा है। हम यूं ही सबसे पहले आजाद हुए थे। अपने पर आ जाएं तो चूलें हिला देते हैं। इस दम्भी सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
युवाओं से अपील है कि अगर हम अपने पुरखों महर्षि भृगु, अमर शहीद मंगल पाण्डेय, चित्तू पाण्डेय और चंद्रशेखर जैसे लोगों की गौरवशाली परम्परा को नहीं संरक्षित कर सके तो हमारा गौरवशाली इतिहास हमें माफ नहीं करेगा।