Breaking News

माननीय उच्च न्यायालय से स्टे,मुख्यमंत्री दरबार मे विनती भी नही आ रही है काम, बलिया का जिला प्रशासन नही रुकवा पा रहा है पूर्वांचल सिनेमा का निर्माण कार्य

 




मोहन तुरहा ने लगाया जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप 

मधुसूदन सिंह 

बलिया।। जिस प्रदेश मे माफियाओं की संपत्ति पर योगी बाबा का बुलडोजर कहर बरपा रहा है, अवैध रूप से अर्जित संपतियों पर प्रशासनिक कार्यवाही से हड़कंप मचा हो, उसी प्रदेश के बलिया जनपद मे माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश और नवंबर मे मुख्यमंत्री दरबार मे फरियाद के बाद बलिया पहुंचे आदेश के बाद भी अगर निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है तो इसको क्या कहा जा सकता है। पीड़ित मोहन तुरहा का आरोप है कि जिला प्रशासन की सुस्ती के चलते पूर्वांचल सिनेमा हाल का सुंदरीकरण कार्य अंतिम दौर मे चल रहा है। आरोप लगाया है कि अगर जिला प्रशासन लगभग 1 वर्ष पूर्व माननीय उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश का पालन कराया होता तो आज निर्माण कार्य अंतिम दौर मे नही होता। कहा कि मेरे द्वारा मुख्यमंत्री जी को भी मिलकर इस बावत प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसके आधार पर लखनऊ से बलिया आदेश भी आया है लेकिन विगत लगभग दो माह से वह आदेश भी न जाने कहा गायब हुआ है।







 श्री मोहन तुरहा ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय का और माननीय मुख्यमंत्री जी का आदेश बलिया का जिला प्रशासन क्यों नही मान रहा है, यह समझ से परे है। कहा कि आज 28 दिसम्बर 2025 को भी निर्माण कार्य बदस्तूर जारी होना निर्माण करने वालों की क़ानून के साथ खिलवाड़ करने को दर्शाने के लिये काफ़ी है। कहा कि अगर जिला प्रशासन निर्माण कार्य नही रुकवाता है तो मै पूरे परिवार को साथ लेकर न्याय रथ यात्रा के माध्यम से लखनऊ मे श्री योगी जी के दरबार मे फिर से उपस्थित होकर न्याय की गुहार लगाकर जिला प्रशासन की भूमिका को बतलाने का काम करूंगा।







स्टे के बावजूद बिजली विभाग ने दे दिया है कनेक्शन 

माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश और माननीय राजस्व परिषद मे टाइटल निर्धारण का मुकदमा लंबित होने के बावजूद बलिया का बिजली विभाग इस विवादित सिनेमा हाल के लिये ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन देने का काम किया है। इसकी जानकारी होने पर मोहन तुरहा ने बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों को माननीय उच्च न्यायालय व राजस्व परिषद मे चल रहे वाद सम्बंधी आदेश की प्रतियों को लिखित रूप से देने का काम किये है। अब देखना है कि बिजली विभाग भी उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश की जानकारी होने पर क्या कार्यवाही करता है।

सूचना के अधिकार मे जीएसटी विभाग ने कहा नही दिये है सिनेमा प्रदर्शन का आदेश 

मोहन तुरहा द्वारा जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जिला प्रशासन पूर्वांचल सिनेमा को पुनः चालू करने से संबंधित जारी आदेश के संबंध मे जानकारी मांगी गयी। जिसके उत्तर मे जीएसटी विभाग के अधिकारी ने कहा है कि पूर्वांचल सिनेमा हाल मे फ़िल्म प्रदर्शन के लिये कोई भी आदेश निर्गत नही किया गया है।

              प्रेस वार्ता मे यह लगायी थी गुहार 

                      ये है पूरा मामला 
बलिया 9 अक्टूबर 2025।।शहर 
कोतवाली के तुरहा टोली बनकटा बाँध निवासी मोहन तुरहा पुत्र सुभाष तुरहा ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि टेंगरी मियां ने 5 अप्रैल 1929 को पूर्वाचल टाकिज वाली जमीन सहित चार बीघा जमीन मेरे परदादा चरिंतर तुरहा को इश्तमरारी पट्टा कर दिया जिस पर मेरे परबाबा व बाबा बाग आदि लगाते थे।लेकिन पशुपति व उनके लड़को ने फर्जी दस्तावेजो के आधार पर हमारी जमीन हथिया ली थी। जानकारी होने पर मैंने एस०डी०एम० सदर बलिया के यहाँ मुकदमा दाखिल किया जिसमे मेरे पक्ष में फैसला हुआ। बाद में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू से इस आदेश के साथ फाइल एस०डी०एम० सदर बलिया के यहाँ वापस आयी कि गुणदोष के आधार पर फैसला किया जावे। एस०डी०एम० सदर बलिया के न्यायालय में चल रही फाइल में सारे साक्ष्य, सबूत हमारे पक्ष में थे, बावजूद इसके तत्कालीन एस०डी०एम० सदर बलिया अत्रेय मिश्रा ने विपक्षीगण रणजीत, ओंकार, नारायण, गोपाल उर्फ पप्पू एवं गोरखपुर निवासी संदीप टेकडीवाल,इनके सहयोगी अख्तर हुसैन अंसारी उर्फ राजू सहित कुछ अन्य प्रभावशाली सफेदपोशो के अनुचित प्रभाव में हमारे सही तथ्यों की, जिसमे मैंने अपने बाबा का हस्ताक्षर होने से इन्कार किया था. उसे स्वीकार किया गया मानते हुए हमारे सारे सबूतों की अनदेखी करते हुए हमारे विरुद्ध आर्डर कर दिया। हम विपक्षी इस आर्डर के विरुद्ध याचिका बोर्ड ऑफ रेवेन्यू इलाहाबाद उ०प्र० में दाखिल किया, जिस पर मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा स्थगनादेश पारित किया गया। विपक्षीगण को स्थगनादेश की जानकारी दी गई, लेकिन वह लोग पूर्वांचल टाकिज का पुर्ननिर्माण व नवीनीकरण का कार्य जोर-शोर से करते हुए न्यायालय के आदेश की धज्जिया उड़ाते हुए वर्षों से बंद पड़े पूर्वांचल सिनेमा हॉल को पुनः प्रारम्भ करने की तिथि भी घोषित कर दिये। हमारे द्वारा मना किये जाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए मारने के लिए दौड़ा लिए। मैं हर सक्षम अधिकारी के यहाँ न्यायालय के आदेश का पालन करवाने हेतु प्रार्थना-पत्र दिया, लेकिन इन लोगो पर कोई भी कार्यवाही नहीं हो पायी।



 डी०एम० साहब ने भी बार-बार प्रार्थना-पत्र देने के बाद भी  इस प्रकरण में हस्तक्षेप करने से मना कर दिये। मैंने प्रमुख सचिव राजस्व मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं गृह सचिव सहित योगी आदित्यनाथ जी के प्रतिनिधि द्वारिकानाथ तिवारी को भी गोरखनाथ मन्दिर जाकर प्रार्थना-पत्र दिया।वहाँ से एस०डी०एम० साहब के यहाँ फोन भी आया बावजूद इसके कोई कार्यवाही नहीं हो पायी। मा० उच्च न्यायालय में अवमानना की कार्यवाही चल रही है। 

सूच्य हो कि विपक्षीगण मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद में पूर्वांचल सिनेमा हॉल के पुर्ननिर्माण व नवीनीकरण करने हेतु आदेश प्राप्त करने के लिए याचिका दाखिल किये थे जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। विपक्षीगण को सिनेमा हॉल प्रारम्भ करने का कोई वैध परमिशन नहीं प्राप्त है, बावजूद इसके दबंगई गुण्डई व सफेदपोशो के संरक्षण में उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना करते हुए पूर्वांचल सिनेमा हॉल का पुर्ननिर्माण नवीनीकरण किया जा रहा है। मैं बहुत पढ़ा लिखा नहीं हूँ। घनश्याम दास जौहरी से हमारा पारिवारिक लगाव है उन्होंने हमारे मुकदमे में सही गवाही भी दी है जिससे नाराज होकर विपक्षीगण ने उन्हें भी जान से मारने कि धमकी दी व एक फर्जी मुकदमे में फंसा दिया।  लेकिन इस मुकदमे में मा० उच्च न्यायालय ने कोई दण्डात्मक कार्यवाही न करने का आदेश निचली अदालत को दिया है। बलिया के शासन व प्रशासन से हमें कोई सहयोग नहीं मिल पाया है। डी०एम० साहब ने भी स्थगनादेश का पालन करने से मना कर दिया। मैंने सोशल मिडिया का भी सहारा लिया, लेकिन पूर्वांचल सिनेमा पर निर्माण कार्य जारी रहा। सभी तरफ से निराश होकर थक हार कर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ प्रेस के माध्यम से न्याय पाने की आशा से सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत में आया हूँ। आशा एवं अपेक्षा है कि आप सभी मेरे साथ हो रहे अन्याय का प्रतिकार करेंगे और हमें अविलम्ब न्याय दिलाने की कृपा करेंगे।