Breaking News

SURGICAL STRIKE के बाद जाने कौन देश है भारत के साथ , कौन दे रहा है पाक का साथ !




28 फरवरी 2019 ।।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां स्थित बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी कैंप पर भारतीय वायु सेना के हमले के बाद दोनों पड़ोसी मुल्कों में तनाव चरम पर है. इन सबके बीच कुछ देश आतंक के खिलाफ इस लड़ाई में भारत का साथ दे रहे हैं. वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो इसकी निंदा कर रहे हैं. जबकि दोनों देशों के बीच मध्यस्थत के लिए भी कुछ देश तैयार हैं.

दोनों देशों का मामला तूल पकड़ने के बाद अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड और ईरान ने बयान जारी करके खुले तौर पर भारत का समर्थन किया है. वहीं चीन ने भी आतंकवाद की बुराई की है, उसके बयान में कहीं न कहीं पाकिस्तान का समर्थन दिखा. जबकि जर्मनी, रूस, ब्रिटेन और सऊदी अरब ऐसे देश हैं जिन्होंने दोनों देशों के बीच के संबंधों को राजनीतिक और राजनयिक तरीके से हल करने पर बल दे रहे हैं.

अमेरिका
अमेरिका ने भी भारत का समर्थन करते हुए पाकिस्तान को उसके यहां पल रहे आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करने की नसीहत दे डाली है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा, 'मैंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से बातचीत की और उन्हें हालात को खराब ना करने और सैन्य कार्रवाई नहीं करने की बात कही. हमने पाकिस्तान को उसके यहां से चल रहे आतंकी संगठनों पर कार्रवाई के लिए भी कहा.'

फ्रांस
फ्रांस के यूरोप एवं विदेश मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फ्रांस भारत की वैधता को मान्यता देता है और पाकिस्तान को अपनी धरती से आतंकवादी संगठन खत्म करने के लिए कहता है.' फ्रांस ने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों को संयम बरतने के लिए कहा ताकि सैन्य टकराव के जोखिम को कम किया जा सके और क्षेत्र में स्थिरता बनाई रखी जा सके.'

चीन
भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण माहौल के दरम्यां चीन ने टिप्पणी की है. चीन के विदेश मंत्री ने कहा है कि रूस, चीन और भारत ने आतंकवाद का मजबूत विरोध किया है. साथ ही हम (चीन) मानते हैं कि पाकिस्तान हमेशा आतंकवाद का विरोध करता रहा है. चीन ने भारतीय और पाक दोस्तों के बयानों की सराहना करते हुए कहा कि वे संयम बरतें और स्थिति को आगे बढ़ाने से बचेंगे.

ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने भी इस मामले पर भारत का साथ दिया है. पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई करने की सलाह दी है. ऑस्ट्रेलिया की ओर से कहा गया, 'पाकिस्तान को अपने क्षेत्र में आतंकवादी समूहों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए. जिसमें जैश-ए-मोहम्मद भी शामिल है. जिसने 14 फरवरी को पुलवामा में हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी.'

ब्रिटेन
इस मामले पर ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने कहा कि यूएन सुरक्षा परिषद के साथ मिलकर हम यह कोशिश कर रहे हैं कि पुलवामा हमले के जिम्मेदार को सजा मिले. इस मामले के बाद भारत-पाक के विदेश मंत्रियों से भी शांति स्थापित करने की बात कही थी.

अफगानिस्तान
अफगानिस्तान हमेशा यही कहता आया है कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन ही उसके देश में अराजकता फैलाते हैं. जबकि पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा से लगे देश अफगानिस्तान ने भारत को सामान भेजने के लिए एक नया रूट बना लिया है. पाकिस्तान को बाईपास करके अफगानिस्तान ने पहली बार बुधवार को भारत को नए रूट से सामान भेजा है. इससे अब पाकिस्तान की अफगानिस्तान के साथ दादागीरी का खत्मा हो सकेगा.

जर्मनी और सऊदी अरब
सऊदी अरब के शहजादे मोहम्‍मद बिन सलमान ने भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद कहा था कि आतंकवाद दोनों देशों की साझा चिंता है और इसका सामना करने के लिए पूरा सहयोग दिया जाएगा. जबकि जर्मनी ने भारत पाकिस्तान के घटनाक्रम पर दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की थी.

रूस
रूस ने बयान में कहा, 'हम नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच शांति संबंधो को मजबूत बनाए रखने के लिए मदद करने के लिए तैयार हैं. रूसी विदेश मंत्रालय के सूचना विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, 'हम मित्र देशों भारत-पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित हैं. हम चाहते हैं कि दोनों देश संयम बरतें और मौजूदा समस्या, राजनयिक और राजनीतिक तरीके से हल करें. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रेस सचिव ने कहा, 'हम घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं. हम आने वाली खबरों को लेकर बेहद चिंतित हैं.'।